अपने समय के दिग्गज फिल्म स्टार रहे, स्वर्गीय पृथ्वीराज कपूर की छोटी बहन शांता कपूर धवन गुरूग्राम में रहती हैं। उनकी उम्र 93 साल है। वह इस बात से खुश हैं कि पाकिस्तान के पेशावर में बनी उनकी पैतृक हवेली के टूटने का खतरा टल गया है। वहां की सरकार ने उसे संग्रहालय में बदलने का फैसला किया है।
शांता कपूर धवन ने अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए, इस हवेली के बारे में बताया। वह बताती हैं कि उनके पिता ने पाकिस्तान के पेशावर में इस हवेली को बनाया था। यह पांच मंजिला थी और इसमें 40 कमरे थे।
उन्होंने कहा कि सबसे खुशी के पल हमने पहली मंजिल पर ही गुजारे। बुजुर्ग फर्श पर बैठकर बात करते थे तो हम बच्चे मौज मस्ती और पूरे दिन खेलते रहते, साथ ही नट्स और ड्राई फ्रूट्स खाते थे। पृथ्वीराज कपूर की बहन इस बात से खुश हैं कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय सरकार इस हवेली को संग्रहालय में बदल रही है।
हवेली दो साल में बनी थी
शांता धवन ने बताया कि उनके पिता दीवान बशेश्वरनाथ कपूर बताया था कि यह पूरी हवेली दो साल में बनी थी। उस वक्त मेरे भाई त्रिलोक कपूर और भतीजे राज का जन्म यहीं हुआ था। लेकिन तकदीर हमें कोलकाता और फिर मुंबई ले आई। यहां पृथ्वीराज एक स्टार बन गए।
शांता धवन के दो बेटे और दो ब बेटियां
धवन ने बताया कि स्कूल का समय उन्होंने कोलकाता में बिताया। फिर वयस्क होने बाद अपना समय मुंबई में। साथ ही उस वक्त की बड़ी नायिकाओं नरगिस, मीना कुमारी और मुनव्वर सुल्ताना के साथ अच्छा समय बीता। फिर उनकी शादी जमशेदपुर में हो गई। वहां उन्होंने अपने दो बेटों और दो बेटियों को पालने में अपना समय बिताया।
शांता धवन अब अपने छोटे बेटे के साथ गुरूग्राम में रह रही हैं। वह कहती हैं कि आज भी सपने में पेशावर के अपने घर को देखती हैं। यहां मैंने उछलना और कूदना सीखा है। वह एक बार वहां जाने के लिए तरस रही हैं।
आपको बता दें, पाकिस्तान की खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने हाल ही में दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार और राज कुमार के पैतृक घरों को खरीदने के लिए 2.35 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी है। इन दोनों दिग्गजों के घरों को खैबर पख्तूनख्वा के पुरातत्व विभाग ने म्यूजियम में बदलने का फैसला किया है।
बता दें कि एक्टरों के घर को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया गया था। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने औपचारिक रुप से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिससे संबंधित आधिकारियों को कुछ हफ्तों पहले खैबर की अनुमति मिली है।