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Prem Dhawan: प्रेम धवन ने रविशंकर से संगीत सीखकर बिखेरा जादू, अभिनय और कोरियोग्राफी में भी आजमाया हाथ

Wed, 07 May 2025 11:19 AM IST
सुवेश शुक्ला एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Prem Dhawan Death Anniversary: हिंदी सिनेमा के जाने-माने संगीतकार प्रेम धवन की आज पुण्यतिथि है। उन्होंने अपने करियर में कई शानदार गीतों का दिया, जिसमें 'सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैं' और 'ए वतन, ए वतन' जैसे गाने शामिल है। प्रेम धवन की पुण्यतिथि पर उनके करियर से जुड़ी बातों को जानते हैं...
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संगीतकार प्रेम धवन - फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
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विस्तार
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'सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैं' और 'ए वतन, ए वतन' जैसे बेहतरीन गाने देने वाले प्रेम धवन की आज पुण्यतिथि है। उनकी गिनती देश के मशहूर गीतकारों में होती है। प्रेम धवन सिर्फ गीतकार नहीं बल्कि संगीतकार, कोरियोग्राफर और अभिनेता भी थे। उनकी पुण्यतिथि पर जानते हैं उन्होंने किन फिल्मों में बतौर गीतकार संगीतकार, कोरियोग्राफर और अभिनेता के तौर पर भूमिका अदा की।
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रविशंकर से सीखा संगीत
प्रेम धवन का जन्म 13 जून 1923 को अंबाला में हुआ था , जो मौजूदा समय में भारत के हरियाणा राज्य में है । उनके पिता ब्रिटिश सरकार के जेल अधीक्षक थे। उन्होंने लाहौर में कॉलेज की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दौरान वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े रहे । प्रेम धवन ने साल 1946 में लाहौर में ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म ‘आज और कल’ में संगीतकार ख्वाजा खुर्शीद अनवर के सहायक के तौर पर अपना करियर शुरू किया। 
इसके बाद प्रेम धवन ‘इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन’ में शामिल होने के लिए मुंबई चले गए । इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन से जुड़ने के बाद उन्होंने मशहूर संगीतकार रविशंकर से संगीत सीखा।
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‘धरती के लाल’ से किया डेब्यू
साल 1946 में प्रेम धवन ने फिल्म ‘धरती के लाल’ से एक गीतकार के रूप में शुरुआत की। इसके अलावा उन्होंने ‘आराम’ , ‘तराना’ , ‘आसमान’ , ‘शोला और शबनम’ , ‘काबुलीवाला’ , ‘एक फूल दो माली’ और ‘पूरब और पश्चिम’ जैसी कई फिल्मों के लिए गीत लिखे । प्रेम धवन ने ‘शहीद’ के लिए संगीत भी तैयार किया।

इन फिल्मों में किया अभिनय
प्रेम धवन ने एक गीतकार और संगीतकार के अलावा दो फिल्मों में अभिनय भी किया। उन्होंने ‘लाजवाब’ (1950) और ‘गूंज उठी शहनाई’ (1959) में अभिनय किया। यही नहीं प्रेम ने सात फिल्मों के लिए कोरियोग्राफर के रूप में भी काम किया। हालांकि इसमें उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। उन्होंने ‘वक्त’, ‘धूल का फूल’, ‘दो फूल’, ‘सहारा’ और ‘नया दौर’ जैसी फिल्मों में बतौर कोरियोग्राफर काम किया था।

इन पुरस्कारों से हुए सम्मानित
साल 1970 में भारत सरकार ने प्रेम धवन को ‘पद्म श्री’ सम्मानित किया । उन्होंने 1971 में फिल्म ‘नानक दुखिया सब संसार’ के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। 80 के दशक के आते-आते उनके करियर की चमक धीमी पड़ गई। 7 मई 2001 को 77 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।
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