लोन माफ किए जाने पर प्रीति क्या बोलीं?
प्रीति जिंटा ने अपने एक बयान में लोन माफ होने वाली बात पर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि '12 साल से अधिक समय से पहले, मेरे पास न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक के साथ एक ओवरड्राफ्ट सुविधा थी। 10 साल से अधिक समय से पहले, मैंने इस ओवरड्राफ्ट सुविधा के ताल्लुक से सभी बकाया राशि पूरी तरह से चुका दी थी और खाता बंद हो गया था।'
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प्रीति जिंटा पर क्या हैं इल्जाम?
इल्जाम हैं कि संकटग्रस्त न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक की एक ब्रांच मैनेजर की जानकारी के बिना लोन जारी किया गया। इसमें से कई लोन फंड डाइवर्जन की वजह से गैर-निष्पादित परिसंपतियों में बदल गए। इसमें प्रीति जिंटा के कथित 18 करोड़ रुपये भी शामिल थे। खबरों के मुताबिक यह लोन प्रॉपर रिकलरी प्रोसीजर का पालन किए बिना ही लिया गया। न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड को लेकर मनी लाइफ की एक रिपोर्ट ने भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इसके संचालन पर रोक लगा दी है।
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