महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठाती रहीं रूपा गांगुली
- फोटो : सोशल मीडिया
महिला मुद्दों पर रहीं मुखर-राजनीति में हुईं सक्रिय
रूपा गांगुली सिर्फ अभिनय में ही सक्रिय नहीं रही, वह महिला मुद्दों को लेकर भी काफी मुखर रही हैं। यही कारण है कि वह राजनीति में आईं। वह साल 2015 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं और बंगाल में महिलाओं से जुड़े मुद्दे उठाती रहीं। साल 2016 में रूपा गांगुली को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया। संसद में भी वह महिलाओं से जुड़े विषय उठाती रहीं, जिससे की आधी आबादी के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।
साल 2026 में बंगाल विधानसभा चुनावों में उनको बीजेपी ने टिकट दिया। जीत का इनाम भी जनता ने उन्हें दिया। अब वह बंगाल सरकार में भी अहम भूमिका में दिखाई देंगी।
मुश्किल भरा था निजी जीवन
रूपा गांगुली ने अपने वैवाहिक जीवन में काफी मुश्किल वक्त भी देखा था। अभिनय में प्रसिद्धि मिलने के बाद शादी करके उन्होंने सेटल होने का सोचा। ध्रुबो मुखर्जी नाम के एक शख्स से उन्होंने 1992 में शादी की। यह शादी उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती साबित हुई। पति के खराब व्यवहार ने उन्हें भीतर तक तोड़कर रख दिया। नौबत यहां तक आ गई कि रूपा गांगुली ने आत्महत्या का प्रयास किया, एक बार नहीं बल्कि तीन बार उन्होंने ऐसा किया। हर बार किस्मत उनका साथ देती और उनका जीवन बच जाता है।
बेटे के जन्म के बाद बदली जिंदगी
साल 1997 में बेटे आकाश के जन्म के बाद रूपा गांगुली ने जिंदगी को दूसरा मौका दिया। खुद को फिर खड़ा किया, अभिनय करना शुरू किया। खुद के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को वापस हासिल किया। आखिर में ध्रुबो मुखर्जी से उन्होंने अलग होने का फैसला किया और वह मुंबई आ गईं। यहां आकर उन्होंने अपने अभिनय करियर पर पूरी तरह से ध्यान दिया।
रूपा गांगुली पति से अलग होने के बाद मुंबई चली आई थीं, लेकिन उन्होंने अपने बेटे को पिता के साथ ही रहने दिया। बेटे की कस्टडी के लिए किसी तरह का केस नहीं लड़ा। अब रूपा का बेटा बड़ा हो चुका है। ऐसे में उन्होंने बेटे को अपनी पूरी स्थिति समझा दी। आज बेटे और उनके बीच एक अच्छा और प्यार रिश्ता है।