Uttam Kumar Birth Centenary: बंगाली कलाकार उत्तम कुमार की आज जन्म शताब्दी है। इस मौके पर पीएम मोदी और बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने बंगाली फिल्मों के दिग्गज कलाकार उत्तम कुमार को उनकी 100वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी है। दोनों ने सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर एक नोट लिखा है।
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तीन सितंबर 1926 को जन्मे उत्तम कुमार (असली नाम अरुण कुमार चट्टोपाध्याय) का निधन 24 जुलाई 1980 को हुआ था।
पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'महानायक उत्तम कुमार एक ऐसे दिग्गज जिनकी सदाबहार अदाकारी अलग-अलग पीढ़ियों के लोगों को जोड़ती है। उनकी 100वीं जयंती पर श्रद्धांजलि।'
Mahanayak Uttam Kumar...a legend whose timeless performances connect with people across generations.
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Tributes on his birth centenary.
Also sharing what I spoke about him during #MannKiBaat last Sunday.
पीएम ने मन की बात का हिस्सा शेयर किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 30 अगस्त के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का एक हिस्सा भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने उत्तम कुमार को एक बहुमुखी अभिनेता बताया, जिन्होंने अपनी अदाकारी से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी।
सीएम सुभेंदु अधिकारी ने क्या लिखा?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने एक्स पर उत्तम कुमार को लेकर लिखा 'भारतीय सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार को उनकी ऐतिहासिक 100वीं जयंती पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। एक महान सांस्कृतिक हस्ती, उनकी बेजोड़ अभिनय क्षमता, सदाबहार आकर्षण और स्क्रीन पर सहज मौजूदगी ने सिनेमा को नई परिभाषा दी और ऐसे मानक स्थापित किए जो कलाकारों की पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।'
मुख्यमंत्री ने दिया सम्मान
उन्होंने आगे लिखा 'अनगिनत यादगार क्लासिक फिल्मों के जरिए उन्होंने जीवन के सार को पेश किया। सिल्वर स्क्रीन पर राज किया और लाखों लोगों के दिलों में हमेशा के लिए अपनी जगह बना ली। इस सदाबहार कलाकार की विरासत कालजयी है। यह विरासत हमेशा पश्चिम बंगाल और उससे परे सांस्कृतिक जगत को रोशन करती रहेगी। इस महत्वपूर्ण जन्म शताब्दी पर उस महान कलाकार के प्रति मेरा गहरा सम्मान।'
My humble tributes to the undisputed 'Mahanayak' of Indian Cinema, Uttam Kumar, on his historic 100th Birth Anniversary.
A towering cultural icon, his peerless acting prowess, timeless charm and effortless screen presence redefined Cinema and set benchmarks that continue to… pic.twitter.com/gd9bjB612P
'मन की बात' में क्या बोले थे पीएम?
'मेरे प्यारे देशवासियों कुछ ही दिनों में तीन सितंबर को हम महानायक उत्तम कुमार जी की जन्म शताब्दी मनाएंगे। दोस्तों उत्तम कुमार जी एक बहुमुखी अभिनेता थे, जो अपने अभिनय से लोगों के दिलों में रच-बस गए।'
पीएम मोदी ने की उत्तम कुमार की तारीफ
पीएम मोदी ने आगे कहा 'फिल्म लवर्स का मानना है कि सत्यजीत रे ने फिल्म 'नायक द हीरो' की पूरी स्क्रिप्ट महानायक उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर लिखी थी। सत्यजीत रे ने कहा था कि उनमें गरिमा के साथ-साथ अद्भुत भावनात्मक गहराई भी थी। किरदार को वह जीवंत बनाने के लिए बहुत मेहनत करते थे। उत्तम कुमार जी अपनी सहजता के साथ ही परोपकार के लिए जाने जाते थे। उनके जीवन से कभी भी हार ना मानने की सीख भी मिलती है। उनकी शुरुआती फिल्में बहुत नहीं चलीं, मगर उन्होंने अपने काम पर फोकस बनाए रखा। इसी का परिणाम था कि उन्होंने इतनी ऊंचाई हासिल की।'
अभिनेता के घर के सामने से गुजरे पीएम
उन्होंने आगे कहा 'साथियों मुझे ध्यान है कि जब मैं कोलकाता में रोड शो कर रहा था, तो मैं उत्तम कुमार जी के घर के सामने से भी गुजरा था। वहां मुझे एक व्यक्ति ने उनकी एक तस्वीर भी भेंट की थी। मैं एक बार फिर महानायक उत्तम कुमार जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वह हमेशा हम सबके दिलों पर राज करते रहेंगे।'
उत्तम कुमार का करियर
तीन सितंबर 1926 को जन्मे उत्तम कुमार के बचपन का नाम अरुण कुमार चटर्जी था।
उत्तम कुमार ने 1948 में फिल्म 'दृष्टिदान' से अभिनय शुरू किया था।
उनकी शुरुआती कई फिल्में फ्लॉप रहीं।
इसलिए शुरुआत में उन्हें 'फ्लॉप फिल्मों का महारथी' कहा जाता था।
वर्ष 1952 में आई फिल्म 'बासू परिवार' उनकी पहली बॉक्स ऑफिस हिट थी।
1953 में सुचित्रा सेन के साथ आई फिल्म 'साढ़े 74' के बाद उन्हें शोहरत मिली।
इसके बाद 'नायक', 'एंथोनी फिरंगी', 'झिंदर बंदी' और 'सप्तपदी' जैसी फिल्में कामयाब रहीं।
24 जुलाई 1980 को 53 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।