दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' जी5 से हटाए जाने के बाद से चर्चा में है। तब से अब तक इस फिल्म को पंजाब और जम्मू जैसी जगहों पर स्पेशल स्क्रीनिंग के जरिए पब्लिक में दिखाया गया है। अब एक वकील ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करके स्क्रीनिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हाईकोर्ट में याचिका दायर
वकील विनीत जिंदल ने 'सतलुज' की पब्लिक स्क्रीनिंग के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने इसकी एक कॉपी एक्स पर पोस्ट की है। इसके साथ उन्होंने लिखा 'पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश के सामने इस याचिका के जरिए, मैं फिल्म की गैर-कानूनी पब्लिक स्क्रीनिंग आयोजित करने में शामिल लोगों, धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग कर रहा हूं।'
उन्होंने कहा 'ऐसी स्क्रीनिंग का इस्तेमाल हिंसा भड़काने और किसी समुदाय के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है।'
सतलुज
- फोटो : एक्स
जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
उन्होंने आगे कहा 'ये गैर-कानूनी काम पंजाब राज्य में शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। इसलिए, मैंने ऐसी गैर-कानूनी स्क्रीनिंग को रोकने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।'
फिल्म 'सतलुज' में दिलजीज दोसांझ
- फोटो : इंस्टाग्राम@diljitdosanjh
कब हटाई गई फिल्म?
'सतलुज' 3 जुलाई को जी5 पर रिलीज हुई थी और 5 जुलाई तक इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। प्लेटफॉर्म ने दर्शकों से 'सतलुज' को गैर-कानूनी तरीके से न दिखाने की अपील की थी। जी5 ने कहा कि वे फिल्म को प्लेटफॉर्म पर वापस लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, शुरू में फिल्म को सिर्फ भारत में ही स्ट्रीमिंग से हटाया गया था। हनी त्रेहान ने शनिवार को बताया कि इसे इंटरनेशनल लेवल पर भी हटा दिया गया है। 'सतलुज' मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी और मौत पर आधारित है।