अपने अभिनय से हम सभी का मनोरंजन करते आ रहे अभिनेता पंकज त्रिपाठी अब निर्माता बन गए हैं। पंकज के निर्माण में बनी वेब सीरीज ‘परफेक्ट फैमिली’ शुक्रवार को यूट्यूब पर रिलीज हुई। यहां जानिए कैसी है आठ एपिसोड वाली यह वेब सीरीज…
कहानी
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कहानी कर्करिया परिवार है जिसके मुखिया सोमनाथ कर्करिया (मनोज पाहवा) दिल्ली में एक मिठाई की दुकान चलाते हैं। परिवार में उनकी पत्नी कमला (सीमा पहवा), बेटी पूजा (कावेरी सेठ), बेटा विष्णु (गुलशन देवैया), बहू नीति (गिरिजा ओक) और एक पाेता दक्ष (रौनव) व पाेती दानी (हिरवा त्रिवेदी) है। ये सभी ऊपर से बहुत आम दिखते हैं पर सभी के जीवन में कोई न कोई समस्या चल रही है। सोमनाथ अपनी दुकान के गिरते बिजनेस और बेटे के दुकान पर काम न करने से परेशान हैं। विष्णु प्रोफेशनल लाइफ को लेकर स्ट्रेस में हैं। पूजा की शादी टूट रही है। नीति अलग घर लेकर सुकून से जीना चाहती है पर ऐसा हो नहीं पा रहा। इन सभी की समस्याओं से घर का माहौल खराब रहता है और इसके चलते विष्णु-नीति की बेटी दानी स्ट्रेस में रहती है। दानी के स्कूल वाले बच्ची के बेहतर भविष्य के लिए परिवार वालों को फैमिली थैरेपी लेने का सुझाव देता है। इसके बाद एंट्री होती है डॉक्टर मेघा वर्मा (नेहा धूपिया) की, जो इस परिवार को सही राह पर लाती हैं।
निर्देशन
सुनने में तो यह कहानी आम लगती है। आपको लगेगा कि इसी थीम पर टीवीएफ कई शोज बना चुका है तो फिर इसमें क्या खास है? जवाब है- निर्देशन और अभिनय। ये दोनों ही इस सीरीज की जान हैं। निर्देशक ने आम जीवन मसालेदार मामलों को जोड़कर इस सीरीज को खूबसूरती से पिरोया है। कई सीन आपके दिल तक उतर जाते हैं। सीरीज में हर तरह का मसाला सटीक बैठाया है। कॉमेडी से लेकर इमोशन तक और रियलिस्टिक सिचुएशन से लेकर कपल रोमांस तक सबकुछ यहां मिलेगा जिसे निर्देशक ने सही वक्त पर पेश किया है।
एक्टिंग
अब जिस सीरीज में मनोज और सीमा पाहवा एक साथ नजर आएं उसमें अभिनय कैसे मिस होगा ? दोनों खुद को हर पल स्विच करते रहते हैं। कहानी के हिसाब से कभी अच्छे तो कभी बुरे लगते हैं। दोनों ही बेमिसाल और इस सीरीज की जान हैं। गुलशन, गिरिजा और कावेरी ने भी अपने किरदार बड़े ही करीने से निभाए हैं। गुलशन एक ऐसे व्यक्ति के किरदार में हैं जो अकेलापन महसूस करता है। कुछ इमोशनल सीन में अपने होंठ दबाकर वाे आपको अपना पूरा दर्द महसूस करवा देते हैं। गिरिजा में आपको हर घर की बहू की छवि दिखाई देगी। कावेरी भी अपने हक के लिए जूझती बेटी का दर्द महसूस करवा देती हैं। चाइल्ड आर्टिस्ट हिरवा और रौनव ने भी बढ़िया एक्टिंग की है। इन सबके बीच नेहा धूपिया तो कमाल करती ही हैं।
खूबियां और खामियां
खूबी यही है कि सीरीज का ट्रीटमेंट अलग है। कहानी आम होने के बावजूद उसे बुना बड़े ही प्यार से गया है। छोटे-छोटे सीन एकदम रियलिस्टिक लगेंगे। देखते हुए हमेशा आपके चेहरे पर धीमी सी मुस्कान बनी रहेगी। खामी यह है कि सीरीज कहीं-कहीं एडिटिंग में समझ नहीं आती। कभी-कभी एक दम से फ्लैशबैक आ जाता है। कुछ एक सीन ज्यादा ही ओवर ड्रामेटिक हो जाते हैं।
देखें या नहीं
पंकज त्रिपाठी आपके लिए बेहतरीन परिवारिक मसाला लेकर आए हैं। बिल्कुल देख सकते हैं। यह एक हल्की-फुल्की रियलिस्टिक सीरीज है, जिसमें आपको अपने ही घर की कहानी नजर आएगी।