प्लेफॉर्म्स उठा रहे एहतियाती कदम
मंत्रालय को यह भी बताया गया कि प्लेफॉर्म्स यह सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम उठा रहे हैं कि उनके द्वारा बनाए गए किसी भी कंटेंट का भारत की संप्रभुता, अखंडता या सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इन पत्रों के अनुसार ओटीटी प्लेटफॉर्म किसी भी नस्लीय या धार्मिक समूह के कार्यों, विश्वासों, रीति-रिवाजों या विचारों को स्क्रीन पर दिखाते समय उचित सावधानी और विवेक का प्रयोग कर रहे हैं। पत्र में लिखा गया है, “हम दोहराना चाहेंगे कि देश की संवेदनशीलता और सांस्कृतिक बारीकियों को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट प्लेटफॉर्म्स (ओपीसीसी) भारत में विश्व स्तरीय कंटेंट का उत्पादन करने और भारत को एक वैश्विक कंटेंट के केंद्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जैसा कि भारत के प्रधानमंत्री और सूचना और प्रसारण मंत्री दोनों ने कल्पना की है।''
आईटी नियम 2021 का कर रहे अनुपालन
पत्रों में आगे कहा गया है, “इसके अलावा, हम इस तथ्य को फिर से बताना चाहेंगे कि ओसीसीपी सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 में निर्धारित आचार संहिता का अनुपालन करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।” पत्र के अनुसार आईडीएमआईएफ और आईएएमएआई के अनुसार, प्रत्येक ओसीसीपी क्रिएटर और मेकर्स को आचार संहिता के बारे में जानकारी देने की जिम्मेदारी लेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे फिल्म, सीरीज या डॉक्यूमेंट्री बनाते समय विभिन्न बारीकियों से परिचित हों। सामाजिक मुद्दों, अल्पसंख्यक समुदायों और धार्मिक समूहों के चित्रण से संबंधित नाजुक विषयों के चित्रण के लिए, ओसीसीपी, अपने मूल्यांकन के आधार पर संबंधित क्षेत्रों में शिक्षाविदों, वकीलों, न्यायाधीशों, प्रचारकों और व्यावसायिक अधिकारियों सहित विशेषज्ञों से परामर्श करेंगे।