इस रिजेक्शन को नहीं झेल पाईं नोरा
नोरा ने मेलबर्न के इंडियन फेस्टिवल में पूर्व फिल्म समीक्षक राजीव मसंद के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "मुझे याद है कि एक बार मैं ऑडिशन के लिए गई थी। यह यशराज फिल्म्स के लिए था। मैंने वाकई कई सप्ताह लाइन्स को रटने में बिताए... मैं सोच रही थी, 'मैंने इसे क्रेक कर दिया'। उन्होंने मुझे वापस नहीं बुलाया, फीडबैक था, 'वह इतनी अच्छी नहीं है'। मुझे याद है कि यह सुनकर... मैंने गुस्से में अपना सेल फोन तोड़ दिया, उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए।"
रिजेक्शन फेस करने में नहीं कतरातीं अभिनेत्री
नोरा ने कहा कि पीछे मुड़कर देखने पर, उन्हें समझ में आया कि वह रिजेक्शन पर ज्यादा रिएक्ट कर रही थीं। क्योंकि जिन प्रोजेक्ट्स के लिए उसे मना किया गया था, वे उतने अच्छे नहीं रहे। अभिनेत्री ने कहा, “जब वे फिल्में रिलीज हुईं, तो वे फ्लॉप हो गईं, या वे बहुत खराब प्रोजेक्ट थे, और मैं सोचती थी, 'हे भगवान, क्या मैं उस प्रोजेक्ट के लिए रोई थी? मैंने उस फिल्म के लिए अपना फोन तोड़ा था?' वह मेरे करियर को खराब कर सकती थी। इसलिए मैंने जाने देना सीख लिया।”