नीना गुप्ता और अनुपम खेर
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'अनुराग सर के साथ काम करने का मजा ही कुछ और था'
अपनी आगामी फिल्म ‘मेट्रो इन दिनों’ की बात करते हुए अभिनेत्री ने निर्देशक अनुराग बसु की तारीफ की। उन्होंने कहा, 'मुझे स्क्रिप्ट पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ी। अनुराग ने बुलाया, रोल समझाया और मैंने हां कह दिया। पहली मेट्रो फिल्म मुझे बहुत पसंद आई थी, तो भरोसा था। शूटिंग का एक्सपीरियंस बेहद मजेदार था। अनुराग ऑन-द-स्पॉट इम्प्रोवाइज करते हैं। कभी कुछ नया जोड़ देते हैं, कभी कुछ बदल देते हैं। लेकिन जो भी करते हैं, उसमें कमाल का मजा होता है। सुबह उठकर लगता था चलो शूट पर चलते हैं, चाहे धूप हो या कुछ भी। कलकत्ता में शूटिंग थी, लेकिन थकान का नाम तक नहीं था।’
अनुपम खेर के साथ काफी जमती थी
फिल्म में नीना गुप्ता के अपोजिट अनुपम खेर हैं। ट्रेलर में दोनों की केमिस्ट्री जितनी जमी है, असल में भी ऐसा ही रिश्ता है। उन्होंने कहा कि हम शूटिंग के दौरान बहुत बातें करते थे। अनुपम से मेरी खूब बातें होती थीं। मेरी बेटी मसाबा की बेटी के बारे में, स्कूल के दिनों की यादें, मेरे गोवा वाले घर की बातें, मुक्तेश्वर की सर्दियों की धूप। और सबसे ज्यादा - सतीश कौशिक के बारे में। उनकी बातें करते-करते शूटिंग के दिन बहुत जल्दी निकल जाते थे।
‘स्टेज पर झाड़ू भी लगाई, बैकस्टेज काम भी किया’
अपने शुरुआती दिनों की बात करते हुए नीना ने कहा कि हम थिएटर वाले हैं। स्टेज पर झाड़ू भी लगाया है, बैकस्टेज काम भी किया है। कुछ भी कर सकते हैं। काम के प्रति जो सम्मान उस वक्त सीखा, वही आज तक साथ है। मैं दिल्ली से एक दोस्त के सहारे बॉम्बे आई थी। पृथ्वी थिएटर में बैंगन का भरता अच्छा बनाती थी, तो वो दोस्त बोलता था बना दे। मुझे डिनर मिल जाता था। वही दोस्त मुझ पर हंसता था कि तू ये करने आई है बॉम्बे? और अपनी सिगरेट के पैसे मुझसे मांगता था।
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‘करियर के पीछे पर्सनल लाइफ कहीं छूट जाती थी’
नीना गुप्ता आगे बताती हैं कि उस समय वर्क-लाइफ बैलेंस जैसा कुछ नहीं था। करियर के पीछे भागते हुए पर्सनल लाइफ कहीं छूट गई थी। घर बसाने, दोस्ती निभाने, रिश्ते सहेजने का समय ही नहीं होता था। सबकुछ एक ही तरफ झुका हुआ था काम की तरफ।