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नेहा सिंह राठौर: गायिका के खिलाफ भ्रामक समाचार मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान, जानिए क्या कहा?

Mon, 19 Oct 2026 03:18 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Neha Singh Rathore Defamatory News Case: लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ भ्रामक एवं आपत्तिजनक खबर मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने 15 दिनों के भीतर कार्यवाई पर रिपोर्ट भी मांगी है।
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नेहा सिंह राठौर - फोटो : इंस्टाग्राम
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विस्तार
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सिंगर और इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर भ्रामक खबर से जुड़े मामले को लेकर चर्चा में हैं। एक संस्थान ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक और भ्रामक खबर चलाई। इसके बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस पर संज्ञान लिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आज सोमवार को आयोग ने कहा कि उसने उन रिपोर्ट्स पर खुद से संज्ञान लिया है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि एक न्यूज चैनल ने नेहा के खिलाफ बदनाम करने वाला कंटेंट प्रकाशित किया।

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नेहा सिंह राठौर ने लगाया छवि खराब करने का आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, समाचार चैनल ने एक रिपोर्ट दिखाई, जिसमें नेहा सिंह राठौर के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। गायिका ने आरोप लगाया है कि चैनल ने इस खबर को दिखाकर उनकी छवि और प्रतिष्ठा खराब करने की कोशिश की।

महिला आयोग ने क्या कहा?
राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि लोगों की आलोचनाओं के बाद समाचार चैनल ने माना कि रिपोर्ट असल में गलत थी। इसके लिए उसने माफी मांगी।
पोस्ट में आयोग की तरफ से कहा गया है, 'राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक न्यूज चैनल द्वारा कथित तौर पर बदनाम करने वाले कंटेंट के पब्लिकेशन से जुड़ी रिपोर्ट पर खुद से संज्ञान लिया है'।

इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स के तहत तुरंत एक्शन की मांग
महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से मीडिया इंडस्ट्री की संबंधित रेगुलेटरी, एडमिनिस्ट्रेटिव और सेल्फ-रेगुलेटरी बॉडीज जैसे प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन और डिजिटल पब्लिशर्स कंटेंट ग्रीवांस काउंसिल को निर्देश देने को कहा है। रहाटकर ने कहा है कि वे इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के तहत तुरंत और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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15 दिनों के भीतर मांगी रिपोर्ट
आयोग ने 15 दिनों के अंदर एक्शन-टेकन रिपोर्ट भी मांगी है। साथ ही, जेंडर के आधार पर कैरेक्टर एसेसिनेशन और महिलाओं के डिजिटल हैरेसमेंट के खिलाफ सेफगार्ड्स की मांग की। आयोग ने कहा, 'मीडिया की स्वतंत्रता का इस्तेमाल जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए। इसमें तथ्यों की सटीकता, महिलाओं की गरिमा, निजता और प्रतिष्ठा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए'।
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