फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nazir Hussain Death anniversary: सहायक भूमिकाओं में दिखाया अभिनय का दम, लेखन-निर्देशन में भी पेश की नजीर

Wed, 16 Oct 2024 08:27 AM IST
पूनम कंडारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

नजीर हुसैन ने सत्तर-अस्सी के दशक में हिंदी फिल्मों में कई सहायक भूमिकाएं निभाई थीं। वह एक बेहतरीन और मंझे हुए कलाकार थे, जिस भी किरदार को निभाते थे, उसे यादगार बना देते थे। दर्शकों को भी उनका अभिनय हमेशा पसंद आया। आज नजीर हुसैन जैसे शानदार कलाकार की पुण्यतिथि है। इस मौके पर उनकी एक्टिंग जर्नी पर एक नजर। 
 
विज्ञापन
नजीर हुसैन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देवानंद की फिल्मों में सभ्य-शालीन, नरम दिल किरदार जब दिखाए जाते थे, तो उस किरदार में अधिकतर नजीर हुसैन ही नजर आते थे। उन्होंने पिता और भाई के अलावा कई कैरेक्टर रोल्स किए। नजीर हुसैन बहुत ही बेहतरीन कलाकार थे, उन्होंने अपने एक्टिंग करियर में लगभग 500 फिल्मों में काम किया। एक्टिंग के अलावा वह बतौर डायरेक्टर और स्क्रीन राइटर भी बॉलीवुड में एक्टिव रहे। साथ ही भोजपुरी फिल्मों में भी अपने काम का लोहा उन्होंने मनवाया। 

विज्ञापन

ऐसे हुई एक्टिंग करियर की शुरुआत 
नजीर हुसैन अभिनय की दुनिया में आने से पहले इंडियन नेशनल आर्मी का हिस्सा थे। बाद में वह थिएटर से जुड़ गए और नाटकों में एक्टिंग करने लगे। इसी दौरान फिल्म प्रोड्यूसर बी एन सरकार से उनकी मुलाकात हुई, उन्होंने नजीर हुसैन को कोलकाता आने को कहा और थिएटर करने की सलाह दी। कोलकाता में नजीर की मुलाकात डायरेक्टर बिमल रॉय से हुई, वह उनके असिस्टेंट बन गए। बिमल रॉय ने फिल्म 'पहला आदमी' बनाई, जिसमें नजीर ने अभिनय किया, साथ ही इस फिल्म की कहानी भी उन्होंने ही लिखी थी। जब यह फिल्म रिलीज हुई तो बॉक्स पर छा गई, बतौर कलाकार नजीर को शोहरत मिली। इसके बाद तो नजीर हुसैन, डायरेक्टर बिमल रॉय की फिल्मों का अहम हिस्सा बन गए। 

हिंदी फिल्मों में बनाई खास जगह 
आगे चलकर नजीर हुसैन ने कई हिंदी फिल्मों में काम किया। जिसमें 'दो बीघा जमीन', 'देवदास', 'नया दौर' और 'मुनीम जी' जैसी हिट और बेहतरीन फिल्में शामिल रहीं। नजीर हुसैन ने सबसे ज्यादा फिल्में देवानंद के साथ भी कीं, उन्होंने देवानंद की फिल्मों में कई तरह के सहायक किरदार निभाए। दर्शकों को भी वह हर किरदार में भाए। खासकर पिता की भूमिकाओं में तो दर्शकों के जेहन में उन्होंने अमिट छाप छोड़ी। 
विज्ञापन

भोजपुरी सिनेमा को आगे बढ़ाने में दिया योगदान
हिंदी फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाने के बाद नजीर हुसैन ने रिजनल सिनेमा पर फोकस करने की सोची। उन्होंने भोजपुरी सिनेमा की पहली फिल्म बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पहली भोजपुरी फिल्म 'गंगा मइया तोहे पियरी चढ़इबो' की कहानी और पटकथा लिखी, साथ ही इस फिल्म में अभिनय भी किया। इस फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला, साथ ही बॉक्स ऑफिस पर भी इनसे अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद नजीर ने भोजपुरी फिल्म 'हमारा संसार' प्रोड्यूस-डायरेक्ट की। सत्तर के दशक में भोजपुरी की एक हिट फिल्म 'बलम परदेसिया' को भी नजीर हुसैन ने डायरेक्ट किया था। इस तरह उन्होंने भोजपुरी सिनेमा को आगे बढ़ाने में अपना अहम योगदान दिया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें