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Krishnadev Yagnik: 'कहानी मजबूत है तो भाषा कोई बाधा नहीं', वश-2 पर बोले नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर कृष्णदेव

सार

Krishnadev Yagnik Exclusive Interview: 71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड इवेंट में फिल्म 'वश' ने दो अवॉर्ड अपने नाम किए। फिल्म को बेस्ट गुजराती फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला, साथ ही फिल्म की लीड एक्ट्रेस जानकी बोड़ीवाला ने बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड अपने नाम किया। फिल्म के निर्देशक  कृष्णदेव याज्ञनिक ने अमर उजाला से नेशनल अवॉर्ड और अपनी फिल्मों को लेकर खास बातचीत की। 

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कृष्णदेव याज्ञनिक की गुजराती फिल्म 'वश लेवल 2' को मिले दो नेशनल अवॉर्ड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निर्देशक कृष्णदेव याज्ञनिक ने गुजराती फिल्म 'वश लेवल 2' का निर्देशन किया, पहला पार्ट भी उन्होंने ही बनाया था। फिल्म को दर्शकों ने काफी सराहा है। फिल्म को दो नेशनल अवॉर्ड भी मिले, जिन्हें पाकर निर्देशक कृष्णदेव काफी खुश हैं। अपनी फिल्म को लेकर हाल ही में निर्देशक कृष्णदेव याज्ञनिक ने लंबी बातचीत अमर उजाला डिजिटल से की है। पढ़िए इस बातचीत के प्रमुख अंश-

क्यों किया सीक्वल बनाने का फैसला?

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फिल्म ‘वश’ का दूसरा पार्ट बनाने का आत्मविश्वास कृष्णदेव याज्ञनिक को अजय देवगन और माधवन स्टारर 'शैतान' की सफलता से मिला। बताते चलें कि यह फिल्म कृष्णदेव याज्ञनिक की गुजराती फिल्म 'वश' का रीमेक थी। कृष्णदेव याज्ञनिक कहते हैं, ‘अजय देवगन और माधवन की फिल्म 'शैतान' की सफलता के बाद ये सवाल नहीं था कि हम दूसरी फिल्म बना सकते हैं या नहीं, बल्कि मुद्दा यह था कि इसे कैसे बेहतर बनाएं? हमें लगा कि दर्शक कुछ नया देखना चाहते हैं, इसलिए हमने कहानी, एक्शन और इमोशन को पहले से बड़े लेवल पर ले जाने का फैसला किया। हमारा मानना है कि अगर कहानी अच्छी है तो भाषा या बड़े नाम की कोई बाधा नहीं रहती।' कृष्णदेव आगे कहते हैं, ‘फिल्म 'शैतान' ने पैन इंडिया लेवल पर अच्छा रिस्पॉन्स हासिल किया था, जिससे मुझे भरोसा मिला कि इसका सीक्वल बनता है तो सही तरीके से काम करेगा। ‘वश लेवल 2’ की सफलता से यह बात साबित भी हुई। यही सोचकर हमने रिस्क लिया। जब फिल्म रिलीज हुई तो दर्शकों का अच्छा सपोर्ट मिला। इससे हमारा विश्वास और भी मजबूत हो गया कि सही कंटेंट हो तो भाषा मायने नहीं रखती है।'  


 

कृष्णदेव याज्ञनिक की गुजराती फिल्म 'वश लेवल 2' को मिले दो नेशनल अवॉर्ड - फोटो : अमर उजाला

बॉलीवुड से दूरी की क्या वजह रही है? 
कृष्णदेव याग्निक 15 साल से गुजराती फिल्मों में सक्रिय हैं, वह बतौर निर्देशक और स्क्रीनराइटर काम कर रहे हैं। लेकिन बॉलीवुड के प्रोजेक्ट्स की ओर क्यों नहीं बढ़े? इस पर वह कहते हैं, ‘मैंने सुना है कि वहां (बॉलीवुड में) बहुत इंतजार करना पड़ता है। मैं मानता हूं कि स्क्रिप्ट पास होने का इंतजार करना, एक्टर्स की डेट्स का इंतजार करना होता है। लेकिन यह सब मैं ज्यादा देर तक नहीं कर सकता। फिल्म उसी समय बननी चाहिए जब आइडिया ताजा हो और टीम तैयार हो। अगर मैं कई साल तक इंतजार करूं तो कहानी का जोश खत्म हो जाता है। इसलिए मैं ऐसे लोगों के साथ काम करना चाहता हूं जो कमिटेड हों और साथ मिलकर तुरंत आगे बढ़ सकें।'

रीजनल सिनेमा में क्या बात खास लगती है 
कृष्णदेव याग्निक को अपनी गुजराती सिनेमा से लगाव है। वह कहते हैं, 'रीजनल फिल्मों में मुझे असली आजादी मिलती है। यहां अप्रूवल का इंतजार नहीं करना पड़ता। अगर कहानी तैयार है तो मैं तुरंत शूटिंग शुरू कर सकता हूं। मुझे अपने टर्म्स पर काम करने का मौका मिलता है और मैं मीनिंगफुल कहानी पर फोकस कर पाता हूं।'

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कृष्णदेव याज्ञनिक की गुजराती फिल्म 'वश लेवल 2' को मिले दो नेशनल अवॉर्ड - फोटो : अमर उजाला

स्टार्स से ज्यादा कहानी पर भरोसा करते हैं कृष्णदेव याग्निक 
कृष्णदेव याग्निक बतौर निर्देशक कहानी को ज्यादा महत्व देते हैं। वह कहते हैं, 'लोग पूछते हैं कि मैं बड़े स्टार्स के पास क्यों नहीं जाता। आपको बताऊं मैं सिर्फ बड़े नाम के कारण किसी के पीछे नहीं भागता। मेरा मानना है कि अगर कहानी अच्छी है तो दर्शक खुद उससे जुड़ते हैं। मैं किसी के समय का इंतजार कर अपने आइडिया को खराब नहीं करना चाहता। हमें समझना होगा कि सिनेमा असली कहानियों के बारे में है।'

भाषा को भी बाधा की तरह नहीं देखते निर्देशक कृष्णदेव 
आखिर में कृष्णदेव याग्निक कहते हैं, ‘लोग सोचते हैं कि रिजनल फिल्में सिर्फ उस भाषा तक सीमित रहती हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। अच्छी कहानी, मजबूत इमोशंस और दमदार किरदार, ये हर जगह पसंद किए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर फिल्म 'शैतान' ने हिंदी बोलने वाले लोगों के बीच शानदार प्रदर्शन किया। इससे साफ है कि कहानी अगर दिल को छूती है तो दर्शक उससे जुड़ते हैं, चाहे भाषा या जगह कोई भी हो।'  
बताते चलें कि साल 2023 में फिल्म 'वश' को सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। इसकी हिंदी रीमेक 'शैतान' को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला।  


 
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