नसीरुद्दीन शाह ने क्या कहा?
अभिनेता ने कहा, 'बीजेपी बंगाल चुनावों में अपनी जोड़-तोड़ वाली जीत के बाद अब उन सभी से बदला लेने पर तुली हुई है, जो उनके विश्वासों और उनकी नीतियों से सहमत नहीं हैं। इस बदले की कार्रवाई के नए शिकार सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्र हैं, जो फिल्म बनाने की चाहत रखते हैं। एडमिनिस्ट्रेशन से जवाबदेही की मांग के बदले में उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजे गए। उन पर नजर रखी गई। धमकी दी गई। अब तो हॉस्टल खाली करने के लिए भी कहा गया है।
एक्टर ने क्या आरोप लगाया
नसीरुद्दीन शाह ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार आने वाले फिल्ममेकर्स को डराने की कोशिश कर रही है। लोगों से स्टूडेंट्स की बताई जा रही मांगों का सपोर्ट करने को कहा। नसीरुद्दीन शाह ने कहा, 'यह भाजपा अपने पक्ष में 'बेशर्म' प्रोपेगैंडा को सपोर्ट करने और बढ़ावा देने से खुश नहीं है। अब इस देश के आने वाले फिल्ममेकर्स का ब्रेनवॉश करने या उन्हें डराने की उम्मीद कर रही है। मैं आपसे वादा करता हूं कि ऐसा नहीं होने वाला है। ये वो युवा लोग हैं, जो भविष्य में हमें अपने बारे में, हमारे देश के बारे में और हम जिस हालत में हैं। उसके बारे में सच बताएंगे। मैं सभी सही सोच वाले नागरिकों से सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स की मांगों का सपोर्ट करने की अपील करता हूं'।
पायल कपाड़िया ने भी उठाया था सवाल
इससे पहले निर्माता पायल कपाड़िया ने भी 27 सितंबर को कैंपस में हुई कथित हिंसा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, 'कोलकाता में सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में जो हो रहा है, उससे मैं बहुत डरी हुई हूं। मैं स्टूडेंट्स के साथ खड़ी हूं और एडमिनिस्ट्रेशन से अपील करती हूं कि वह हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे, न कि अपने स्टूडेंट्स के खिलाफ'।
क्या है मामला?
कोलकाता के SRFTI में छात्र 25 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। वे कैंपस में हुई कथित हिंसा, सुरक्षा में कमी और प्रशासनिक एक्शन का विरोध कर रहे हैं। छात्रों ने क्लास का भी बहिष्कार किया है। यह प्रदर्शन 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान हुई कथित झड़प के बाद शुरू हुआ था। छात्रों की मांग है कि कैंपस में सुरक्षा बढ़ाई जाए। साथ ही कथित हिंसा के लिए जिम्मेदारों पर एक्शन के साथ ही अपने खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ वे संस्थान के कुलपति संतोष अजमेरा का इस्तीफा भी चाहते हैं। दूसरी तरफ संस्थान ने नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोक दी थी। छात्रों को 24 घंटे में हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया था। छात्रों ने यह आदेश मानने से इनकार कर दिया।