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एक्सक्लूसिव: 12 घंटे बर्फ में शूट करते रहे नाना, अनिल शर्मा ने सुनाया किस्सा; बोले- एक रात पहले सीन समझते थे

सार

Anil Sharma on Nana Patekar: नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे। 75 वर्षीय अभिनेता का गुरुवार तड़के दिल का दाैरा पड़ने से निधन हो गया। इसी बीच निर्देशक अनिल शर्मा ने अमर उजाला से खास बातचीत की।
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नाना पाटेकर पर क्या बोले अनिल शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नाना पाटेकर के साथ फिल्म ‘वनवास’ में काम करने वाले निर्देशक अनिल शर्मा ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि सेट पर नाना का रवैया कैसा हाेता था। पढ़िए उनकी जुबानी…

 

12 घंटे बर्फ में शूटिंग करते रहे 

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‘मैं पुणे आया हूं उनको अंतिम विदाई देने। क्या कहूं उनके बारे में समझ नहीं आता। उनके जैसा विशाल हृदय व्यक्ति हमने कभी नहीं देखा। जितने बड़े कलाकार, उतने ही अच्छे इंसान और उससे भी बड़े समाज सेवी। उनके बारे में कई लोग अफवाहें फैलाते हैं कि नाना चिढ़चिढ़े हैं सेट पर तकलीफ देते हैं। मुझे तो उनके साथ काम करके कभी ऐसा नहीं लगा। उनसे ज्यादा सरल व्यक्ति कोई सेट पर मिला ही नहीं मुझे तो। यूनिट के साथ वो हमेशा एक परिवार की तरह रहते थे। मेरा तो उनके साथ बहुत ही कमाल अनुभव रहा है। जब आखिरी दिन हमारी शूटिंग चल रही थी, बर्फ में.. उनका डेथ सीक्वेंस था। उस दिन वो लगभग 12 घंटे बर्फ में खड़े होकर शूट करते रहे। खाना भी नहीं खाया उस दिन तो उन्होंने। किसे पता था कि इतने जल्दी वो हमें छोड़कर चले जाएंगे। यह सब बहुत दुखद है। मुझे सुबह-सुबह ही यह खबर मिली। किसी पत्रकार मित्र ने ही कॉल करके बताया। उनके बेटे से बात हुई। अब पुणे जा रहा हूं, उनको नमन करने।’ 

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वनवास के सेट पर नाना और अनिल - फोटो : Instagram @anilsharmadir
कॉल टाइम पर आकर तैयार रहते थे  
फिल्म के सेट का एक किस्सा साझा करते हुए अनिल शर्मा ने बताया, ‘नाना के साथ हमें सबसे बड़ी दिक्कत यह होती थी कि वो एकदम कॉल टाइम पर आ जाते थे और अपने शॉट के लिए तैयार रहते थे। अब अगर हम कोई और सीन शूट कर रहे हों तो वो नाराज हो जाते थे कि मेरा शॉट तैयार क्यों नहीं है? हम बड़ी परेशानी में आ जाते थे। फिर हमें समझ आया कि नाना सर पूरा सीन अपने अंदर भरकर लाते हैं और जैसे ही आते हैं, सब उड़ेल देना चाहते हैं। वो तीन घंटे का सीन एक घंटे में खत्म कर देते हैं। फिर हमें समझ आया कि इनके काम करने का तरीका ही अलग है। दूसरे अभिनेता सेट पर आते हैं, वैन में बैठते हैं, कॉफी पीते हैं, निर्देशक के साथ बैठते हैं और फिर सब कुछ समझने के बाद अभिनय करते हैं, लेकिन नाना पाटेकर साहब रात में ही पूरी प्रक्रिया पर काम करते हैं तो रात से ही सीन उनके दिमाग में भर जाता है।’
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वनवास के सेट पर नाना और अनिल - फोटो : Instagram @anilsharmadir
हमारे पास तो उनका नंबर भी नहीं था 
फिल्म के लिए नाना को चुनने की वजह बताते हुए अनिल शर्मा ने कहा, ‘हम जब स्क्रिप्ट पर काम कर रहे थे, तब नाना पाटेकर का नाम अचानक सामने आया। समस्या यह थी कि वो तो वनवास में हैं, उन्हें कहां से बुलाएं? उनका तो नंबर भी नहीं था। फिर जैसे-तैसे उनसे संपर्क किया। फिर मैंने सोचा कि अरे यह तो बहुत की कमाल की पसंद है। नाना को फिल्म में देखकर यकीनन आज के बच्चों को हैरानी हुई होगी। ये हमारी खुशकिस्मती है कि नाना पाटेकर के लेवल का एक्टर अब तक हमारे बीच मौजूद था।’
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