जुबीन के आवास पर पहुंच रहे फैंस
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक दिवंगत गायक जुबीन गर्ग के प्रशंसकों का असमिया शहर गुवाहाटी के काहिलीपारा स्थित उनके आवास पर आने का सिलसिला अब भी जारी है। 23 सितंबर को जुबीन के अंतिम संस्कार के बाद गायक की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग और परिवार के अन्य सदस्य अंतिम संस्कार के बाद की रस्में पूरी करने में व्यस्त हैं। इस बीच जुबीन के चाहने वालों का नियमित रूप से उनके आवास पर पहुंचने का क्रम भी जारी है।
दूसरों की मदद करना था जुबीन का उद्देश्य
अपने साथ फूल मालाएं और प्रार्थनाएं और दुआएं लेकर रोते-बिलखते पहुंच रहे फैंस आखिरी वक्त में किसी तरह अपने प्रिय सिंगर जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे सिंगर से, जिसने असमिया संगीत जगत में बड़ा योगदान दिया। इस बीच, संगीतकार राजा बोरुआ ने जुबीन की गर्मजोशी, कलात्मकता और असम में संगीत को बढ़ावा देने के उनके सपने के बारे में बात की। राजा बोरूआ साल 1989 से दिवंगत गायक जुबीन के साथ जुड़े थे। राजा बोरूआ ने एएनआई को बताया, 'वे एक पुण्यात्मा थे। उनमें दिव्य उपस्थिति थी। उन्होंने इतने सारे लोगों के लिए बहुत कुछ किया, लेकिन कभी किसी को नहीं बताया। लोग अब आगे आए हैं और बताया है कि कैसे उन्होंने उनके इलाज और शिक्षा में मदद की। उनका मुख्य उद्देश्य कड़ी मेहनत करना और दूसरों की मदद करना था। अब यह हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी विरासत को आगे बढ़ाएं'।
संगीत संस्थान खोलना चाहते थे जुबीन
राजा बोरूआ ने एक घटना का भी जिक्र किया। जुबीन गर्ग ने तूफान में तबाह हुए एक स्कूल के पुनर्निर्माण के लिए एक लाख रुपये का दान दिया था। वह असम में एक संगीत संस्थान खोलना चाहते थे। इस संबंध में बातचीत चल रही है। देखते हैं यह कैसे संभव होता है। ऐसी कई योजनाएं हैं और हम सभी के बारे में नहीं जानते'। राजा ने जुबीन गर्ग की मौत के संबंध में चल रही जांच के बारे में भी बात की और कहा, 'हम न्याय चाहते हैं। हम कानून और सरकार में विश्वास करते हैं'।