डिजिटल रिव्यू: सुन ले साथिया (म्यूजिक वीडियो)
गायक: स्टेबिन बेन
गीत-संगीत: पवन कुमार, अमजद नदीम आमिर
कलाकार: अभिषेक निगम, गीमा
यूट्यूब चैनल: जी म्यूजिक
रेटिंग: ***
गजलें लिखते रहे उत्तर प्रदेश के आईएएस अफसर पवन कुमार अब गीतकार भी बन गए हैं। उनके लिखे पहले गाने को देश की अग्रणी म्यूजिक कंपनी जी म्यूजिक ने अपने यू ट्यूब चैनल पर रिलीज किया है। सोशल मीडिया पर रिलीज के साथ ही वायरल हो चुके इस गाने को अब तक करीब 17 लाख लोग यूट्यूब पर देख चुके हैं।
जिन लोगों ने पवन कुमार का लिखा पहले भी पढ़ रखा है उन्हें ये गाना जाना पहचाना सा इसलिए लग सकता है क्योंकि इस गीत में पवन कुमार की कलम का अतीत भी शामिल है। वह अक्सर महफिलों में अपनी गजलों के चुनिंदा मिसरे सुनाते रहे हैं और ऐसे ही बेहतरीन मिसरों को एक साथ पिरोकर ये गीत बना है। बस, हिंदी फिल्म संगीत की नई परिपाटी की हुकलाइन यहां अलग से जोड़ दी गई है।
इस गाने का म्यूजिक वीडियो भी अच्छा बन पड़ा है। अभिषेक निगम और गीमा अशी एक प्रेमी जोड़े के रूप में गाने में दिखते हैं। तकरार, इसरार और इकरार के एहसासों से गुजरता ये गीत अपने उनवान तक आते आते असर छोड़ने में कामयाब रहता है। म्यूजिक वीडियो में बस एक ही कमजोरी है और वह है इसका स्टोरी बोर्ड। गाने के शुरू और बीच में दोनों किरदारों के बीच एक दो संवाद भी होते तो इसका असर और बेहतर हो सकता था। राहुल अरोड़ा का कैमरावर्क आकर्षित करता है, वरुण अरोड़ा ने इसकी एडीटिंग भी ठीक की है।
पवन कुमार के लिखे इस गाने को स्टेबिन बेन ने गाया है। अमजद नदीम आमिर की कंपोजीशन है। इस तिकड़ी का ये गाना सुनने के बाद इनसे आगे की उम्मीदें जगती हैं, खासतौर से पवन कुमार की कलम के लोग कायल रहे हैं, अगर वह ऐसे ही लिखते रहे तो हिंदी लोकप्रिय संगीत में कुछ अच्छे गाने मिलने का इंतजार किया जा सकता है।