कहानी बहुत ही जानी पहचानी सी
तो प्रियंका चोपड़ा जोनस की एंटरटेनमेंट की चौसर पर नई चाल है, वेब सीरीज ‘सिटाडेल’। उनके साथ हैं मार्वल स्टूडियोज की फिल्म ‘इटर्नल्स’ के इकारिस रिचर्ड मैडन। रिचर्ड की पिछली वेब सीरीज ‘बॉडीगार्ड’ ने भी ओटीटी पर खूब वाहवाही लूटी है। वेब सीरीज 'सिटाडेल' एक जासूसी संगठन के बारे में है जिसमें दुनिया भर के बेहतरीन जासूस इसलिए शामिल होते हैं कि वे दुनिया को रईसों के मकड़जाल से मुक्त रख सकें। लेकिन, इन जासूसों की लिस्ट लीक हो चुकी है। रईसों के अपने खतरनाक संगठन मैंटिकोर ने इनके सफाये का जाल बुना है जिसमे एक चलती ट्रेन में फंस जाते हैं नादिया सिंह और मेसन केन। कहानी आठ साल आगे खुलती है। ‘सिटाडेल’ के अभी दो एपिसोड रिलीज हुए हैं। बाकी के चार एपिसोड आने वाले शुक्रवारों को एक एक करके रिलीज होंगे। पहला एपिसोड मेसन केन के बारे में है जो अपनी याददाश्त खो चुका है। उसका अब एक हंसता खेलता परिवार है और एक दिन उसकी असलियत खुल जाती है। उधर, नादिया भी अपनी याददाश्त खोने के बाद इटली के रेस्तरां में काम कर रही है और मेसन उस तक पहुंच जाता है। दूसरा एपिसोड नादिया के असली नाद की झलक पेश करता है।
'पठान' के पीछे प्रियंका!
वेब सीरीज 'सिटाडेल' में प्रियंका चोपड़ा जोनस और रिचर्ड मैडेन नए दौर के खतरनाक जासूस बने हैं। 'बॉलीवुड' में शाहरुख खान ‘पठान’ बने, वहां प्रियंका चोपड़ा हॉलीवुड जाकर बनी हैं नादिया सिंह। मामला काफी दिलचस्प दिखता है। दोनों का जोर एक्शन पर है। प्रियंका अब पहले जैसी छरहरी, छुई मुई नहीं रही हैं। लेकिन, चालीस की उम्र में भी उनका चार्म कमाल का है। अंग प्रदर्शन से प्रियंका को एतराज पहले भी नहीं रहा। यहां भी वह अपने ‘एनहेंस्ड’ लिप्स और गदराए जिस्म के साथ एक्शन के नए पैमाने स्थापित करती नजर आती हैं। लेकिन, क्लोज अप शॉट में उनका चेहरा अपनी चुगली खुद कर देता है। इस सीरीज के पहले दो एपिसोड की सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि ये दर्शकों के सामने कुछ भी चौंकाने वाली दृश्यावलियां पेश नहीं कर पाते हैं। हां, आने वाले एपिसोड्स की झलकियों में जेम्स बॉन्ड की तमाम फिल्मों की शोरील सी नजर आती है, लेकिन ‘सिटाडेल’ की कहानी और निर्देशन में ऐसा कुछ नहीं है जो दर्शकों को अपने साथ बांधे रख सके।
खर्च हो रही रूसो ब्रदर्स की ब्रांड करेंसी
रूसो ब्रदर्स देखा जाए तो मार्वल स्टूडियोज की ‘एवेंजर्स’ फिल्मों के जाने जाते हैं। नेटफ्लिक्स के लिए उन्होंने ‘एक्सट्रैक्शन’ फिल्म सीरीज बनाई है। प्राइम वीडियो के लिए वह 'सिटाडेल' लाए हैं। इसका विचार अलग अलग देशों के जासूसों की कहानियां बनाने का है। हिंदुस्तानी संस्करण के लिए वरुण धवन और सामंथा के नाम अरसे से चर्चा में है। लेकिन, जिस तरह की लकीर ‘सिटाडेल’ को अपने अंग्रेजी संस्करण में खींचनी चाहिए थी, उसमें ये सीरीज चूकती दिख रही है। सीरीज का बजट कोई ढाई हजार करोड़ रुपये है और इसकी वजह है सीरीज का काफी हिस्सा इसमें शो रनर के तौर पर डेविल वील के काम संभालने के बाद फिर से शूट होना। इसके बावजूद सीरीज के दृश्य खास प्रभावी नहीं बन पड़े हैं। हां, रिचर्ड मैडेन के साथ प्रियंका चोपड़ा की केमिस्ट्री बनती नजर आ रही है, लेकिन उसका इम्तिहान अभी आगे आने वाले चार एपिसोड्स में होना बाकी है।
प्रियंका के बूते दर्शक बटोरने की कोशिश
हिंदुस्तानी दर्शकों के लिए सीरीज का असल आकर्षण देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा हैं। और, पहले सीरीज के ओपनिंग सीन में और फिर दूसरे एपिसोड के एक्शन सीन्स में प्रियंका चोपड़ा दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश भी करती हैं। प्रियंका के अभिनय में भावनाओं का उतार चढ़ाव भी खास नजर आता है। लेकिन, सीरीज के दूसरे लीड कलाकार रिचर्ड मैडेन के अभिनय में आरोह, अवरोह नहीं है। उनका चेहरा सपाट और अभिनय एकसार नजर आता है। जुड़वा अपराधी भाइयों के किरदार में रोलैंड मॉलर को देख जरूर सिहरन होती है। बर्नार्ड ऑरलिक की भूमिका में स्टेनली टुकी भी प्रभावित करते हैं। लेकिन, डाहलिया आर्चर की भूमिका निभा रहीं लेसले मैनविले हाल ही में रिलीज हुई सीरीज ‘द नाइट एजेंट’ में कुछ कुछ ऐसा ही किरदार निभाने वाली हॉन्ग चाऊ के सामने कहीं नहीं ठहरतीं।