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U Turn Review: जी5 ने इस बार एकता कपूर के साथ मिलकर दिया गच्चा, कन्नड़ फिल्म की हिंदी में बनाई खराब रीमेक

Fri, 28 Apr 2023 11:35 PM IST
दीक्षा पाठक अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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यू टर्न - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Movie Review
यू टर्न
कलाकार
अलाया एफ , प्रियांशु पैन्यूली , आशिम गुलाटी , राजेश शर्मा और मनु ऋषि चड्ढा व अन्य
लेखक
परवेज शेख और राधिका आनंद
निर्देशक
आरिफ खान
निर्माता
शोभा कपूर और एकता कपूर
ओटीटी
जी5
रिलीज
28 अप्रैल 2023
रेटिंग
1/5

यातायात नियमों को लेकर सरकार लोगों को बार बार जागरूक करती है, लेकिन इसका असर आम लोगों पर बहुत ही कम पड़ता है। शॉर्ट कट के चक्कर में कभी -कभी इंसान जाने या अनजाने में ऐसी गलती कर बैठता है कि इसका असर उसके परिवार पर पड़ता है। फिल्म 'यू टर्न' एक फ्लाईओवर पर होने वाली दुर्घटनाओं पर आधारित है, जिससे सस्पेंस, हॉरर, थ्रिल सब कुछ है, बस कहानी नहीं है। हिंदी में रिलीज हुई फिल्म 'यू टर्न' साल 2016 में इसी नाम से रिलीज एक कन्नड़ फिल्म की आधिकारिक रिमेक है। इसी नाम से तमिल और तेलुगू में भी इस फिल्म के रीमेक बन चुके हैं। फिल्म का हिंदी डब वर्जन भी यू ट्यूब पर मौजूद है।

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यू टर्न - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
कन्नड़ में पवन कुमार के निर्देशन में 2016 में बनी फिल्म ‘यू टर्न’ में श्रद्धा साईनाथ, रोजर नारायण, राधिका चेतन और दिलीप राज की मुख्य भूमिकाएं हैं। दो साल बाद पवन कुमार ने ही इसे तमिल और तेलुगू में समांथा प्रभु, भूमिका चावला और राहुल रविंद्रन के साथ बनाया और अब बारी आरिफ खान की बनाई हिंदी ‘यू टर्न’ की है। कहने को कहानी एक अखबार में इंटर्नशिप करने वाली क्राइम रिपोर्टर के इर्द गिर्द घूमती है जो फ्लाईओवर पर होने वाली दुर्घटनाओं की जांच करती है। पुलिस को लगता है कि फ्लाईओवर पर होने होने वाली दुर्घटनाओं के पीछे उसी का ही हाथ है। हिंदी में बनी 'यू टर्न' साउथ में बन चुकी फिल्म की सीन दर सीन कार्बन कॉपी है। रीमेक फिल्मों में सबसे बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती फिल्म के कलाकारों के कंधे पर होती है कि अपने परफॉर्मेंस से फिल्म को एक अलग लेवल तक लेकर जाए लेकिन मूल फिल्म के कलाकारों से अगर इस फिल्म के कलाकारों के परफॉर्मेंस की तुलना करें तो वे दूर- दूर तक उनके करीब नजर नहीं आते हैं।

यू टर्न - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म की निर्माता एकता कपूर ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि उन्हें महिलाओं की कहानियां कहने में सबसे ज्यादा मजा आता है। लेकिन इस फिल्म में उन्होंने सिर्फ भारतीय महिलाओं की भावनाओं के साथ ही खिलवाड़ किया है। इस फिल्म में एक सीन आता है जब अलाया एफ अपनी मां को दूसरे शहर छोड़ने जाती हैं और उसकी मां कहती हैं कि तुम्हारे डस्टबिन में व्हिस्की और वोदका  बोतल तो मिलती ही है, अब तो यूज्ड कंडोम भी मिलने लगे है। इस बेटी का जवाब आता है, तो बिना कंडोम के करूं तो चलेगा आपको? अब इस तरह से हिंदुस्तान में कौन से मां-बेटी बात करते हैं, ये सिर्फ एकता कपूर ही बता सकती हैं।

यू टर्न - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्मश्री से सम्मानित हो चुकीं एकता कपूर को ओटीटी पर गंदी बात करने की पुरानी आदत रही है। अब उनकी फिल्मों में भी इस तरह के संवाद आने लगे हैं और शायद इससे बेहतर की उनसे उम्मीद भी अब नही की जा सकती। अगर परफॉर्मेंस की बात करें तो सबसे ज्यादा निराश अलाया एफ ने किया है। फिल्म ‘यू टर्न’ की कहानी उन्हीं के किरदार के इर्द गिर्द घूमती है लेकिन उनका सपाट चेहरा फिल्म को देखते रहने में सबसे बड़ी बाधा है। पहले की अपेक्षा धीरे -धीरे उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ रहा है लेकिन इस ट्रेनिंग पीरियड की फिल्में देखने का खामियाजा दर्शकों को पैसे देकर भुगतना पड़ रहा है।

यू टर्न - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘यू टर्न’ के बाकी कलाकारों में प्रियांशु पैन्यूली, आशिम गुलाटी, राजेश शर्मा, मनु ऋषि चड्ढा का अभिनय सामान्य रहा। कुछ दृश्यों में राजेश शर्मा और मनु ऋषि चड्ढा ने जरूर अपने परफार्मेंस से प्रभावित किया है। हिंदी में फिल्म की कहानी परवेज शेख और राधिका आनंद से लिखवाने का दावा किया गया है, लेकिन लेखक के रूप में उनकी क्या भूमिका रही, यह बात फिल्म देखने के बाद समझ नहीं आती। पूरी फिल्म जब ओरिजिनल की हू ब हू कॉपी है तो फिर तो मूल फिल्म के लेखक के नाम से भी काम चल सकता था। निर्देशक ने भी ओरिजनल देखकर उसकी कॉर्बन कॉपी बना डाली है।
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यू टर्न - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘यू टर्न’ में देखा जाए तो बड़ा काम सिनेमैटोग्राफर अनुभव बंसल ने किया। एक बार जिस तरह के सीन गढ़े जा चुके हैं, उनको ठीक वैसे ही रचना कम मुश्किल काम नहीं है। उन्होंने नकल भी बड़े अकल से की है। मूल फिल्म करीब दो घंटे की है। यहां इसे 15 मिनट घटाया गया है। फिल्म का संगीत सामान्य है। हिंदी में ये फिल्म बनने से पहले इसके तीनों संस्करण हिट रहे हैं। लेकिन, यहां फिल्म अपने कलाकारों के अभिनय और प्रस्तुतिकरण में मात खा गई है।

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