न्यूटन के बाद तीन कमजोर फिल्में। और, स्त्री के बाद भी चार ऐसी फिल्में जिनमें फोकस कभी राजकुमार राव पर रहा ही नहीं। इन थकी हुई फिल्मों की गिनती में मेड इन चाइना पांचवीं हो जाए तो बड़ी बात नहीं। अभी कुछ कहना वैसे भी ठीक नहीं क्योंकि तमाम फिल्मों के ट्रेलर हिट होते हैं औऱ फिल्में सुपरफ्लॉप और तमाम फिल्मों के ट्रेलरों की असली कहानी सिनेमाघर में ही समझ आती है।
निर्देशक मिखिल मुसाले अपनी गुजराती फिल्म रॉन्ग साइड राजू के लिए नेशनल अवार्ड जीत चुके हैं, असली अवार्ड उन्हें मिलेगा अगर वह मेड इन चाइना के ट्रेलर की गुत्थियां फिल्म में सुलझा ले गए। फिल्म की रिलीज 30 अगस्त से खिसकर 25 अक्टूबर क्यों हुई, ये राज भी ये ट्रेलर खोलता है। ट्रेलर बताता है कि ये फिल्म सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म खानदानी शफाखाना के पड़ोस की कहानी है।
मेड इन चाइना का ट्रेलर लॉन्च
- फोटो : मुंबई टीम, अमर उजाला
ट्रेलर में राजकुमार राव बिल्कुल नहीं जमते दिखे। मौनी रॉय को या तो आइटम डांस करना आता है या फिर ओवरएक्टिंग। किरदार को जीना किसे कहते हैं, उन्हें सीखने में बहुत टाइम लग रहा है। ट्रेलर देखने का मजा है या तो शुरू में परेश रावल वाले सीन में या फिर बोमन ईरानी से मिल रहे गुप्त ज्ञान में। बाकी न सचिन जिगर का संगीत हिंदी पट्टी वालों की समझ में आने वाला है और न ही गुजराती लहजे में बोली जाने वाली राजकुमार की हिंदी।
मेड इन चाइना का ट्रेलर लॉन्च
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