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Mutant Mayhem Review: अति की वर्जना समझाने की कोशिश करती एक और फिल्म, फ्रेंचाइजी का रंग अब आकर पड़ा फीका

Thu, 31 Aug 2023 11:47 PM IST
रुपाली रामा जायसवाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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म्यूटेंट मेहेम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Movie Review
टीनएज म्यूटेंट निंजा टर्टल: म्यूटेंट मेहेम
कलाकार
जैकी चैन , मीका अभय , शैमोन ब्राउन जूनियर , निकोलस कैंतु , ब्रैडी नून , आयो एडेबिरी , माया रूडोल्फ , जॉन सीना और सेठ रोजन
लेखक
ब्रेंडन ओ'ब्रायन , सेठ रोजन , इवान गोल्डबर्ग और जेफ रोवे
निर्देशक
जेफ रोवे
निर्माता
सेठ रोजन , इवान गोल्डबर्ग और जेम्स वीवर
रिलीज
1 सितंबर 2023
रेटिंग
1.5/5

एनीमेशन की दुनिया में टीनएज म्यूटेंट निंजा टर्टल: म्यूटेंट मेहेम एक सुपरहीरो फ्रैंचाइजी का लोकप्रिय भाग है जो बच्चों के बीच बहुत लोकप्रिय है। फिल्म में हरे रंग के कछुओं को एक रहस्यमय अपराध सिंडिकेट की तलाश में दिखाया गया है, लेकिन जब वह रहस्यमय अपराध सिंडिकेट की तलाश में निकलते हैं तो उनके लिए बहुत बड़ी  परेशानी पैदा हो होती है, क्योंकि म्यूटेंट की एक सेना उन पर हमला कर देती है। फिर  उनका नया दोस्त ओ'नील इस रहस्यमय अपराध सिंडिकेट से निपटने में मदद करता है

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म्यूटेंट मेहेम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पूरी फिल्म की कहानी चार कछुओं के इर्द -गिर्द घूमती है जिसे एक चूहे स्प्लिंटर ने पाल पोस 13 साल के बच्चे से दिखने वाले पात्रों में बड़ा किया है। स्प्लिंटर के किरदार को जैकी चैन ने अपनी  आवाज दी है। फिल्म के बाकी किरदार के आवाज  मीका एबे, शैमोन ब्राउन जूनियर, निकोलस कैंटू और ब्रैडी नून की आवाज है। फिल्म स्प्लिंटर के किरदार को जैकी चैन की आवाज को छोड़ दे तो बाकी  पात्रों के साथ आवाज फिट नहीं बैठती है। पिछले कुछ वर्षों की अगर एनिमेटेड फिल्में हम देखे, तो यह फिल्म उन फिल्मों के मुकाबले उतनी आकर्षक नहीं लगती। जो दर्शक वर्षों से इस फ्रेंचाइजी के प्रशंसक रहे हैं, उनके लिए यह फिल्म कहीं न कहीं निराशा करती है।

म्यूटेंट मेहेम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म के एक्शन दृश्य कभी स्पाइडर-मैन की याद दिलाते हैं तो कभी सुपरहीरो फिल्मों की। इस फिल्म की खासियत यह है कि बीच बीच में कॉमेडी दृश्य थोड़ा चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं। बाकी यह एक ऐसी फिल्म है जो हर पहलू में कमजोर है। फिल्म के निर्देशक जेफ रोवे ने एक घिसी पिटी कहानी को रोचक बनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन सफल नहीं रहे।  इस फिल्म की कहानी को अगर एक लाइन में समझना हो तो ऐसे है कि एक बाप के चार बेटे विलेन के चंगुल में फंस जाते हैं और बाप क्लाइमेक्स में जाकर उन्हें वहां से आजाद करता है।

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म्यूटेंट मेहेम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म 'टीनएज म्यूटेंट निंजा टर्टल: म्यूटेंट मेहेम' से बेहतर कई एनीमेशन सीरीज टीवी चैनल पर आ चुकी हैं, जो मनोरंजक के साथ -साथ बच्चो को एक खास संदेश भी देते हैं। लेकिन इस फिल्म में ऐसा कुछ खास नजर नहीं आया। एनीमेशन फिल्मों की सबसे बड़ी खूबी होती हैं कि किरदारों की डबिंग। और, वही इस फिल्म की कमजोर कड़ी है। कछुओं के चार भाइयों के बीच की केमिस्ट्री शानदार है और जब विलेन के साथ उनका सामना होता है तो हैरतअंगेज एक्शन कारनामें भी दिखाते हैं, लेकिन फिल्म के निर्देशक जेफ रोवे को एनिमेडेट फिल्म बनाने समय इस बात का विशेष ख्याल रखना चाहिए था कि एक्शन दृश्य किसी फिल्म से मिलता जुलता न दिखे। 

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म्यूटेंट मेहेम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पहली बार 1980 में टेलीविजन पर जब कछुए की एनीमेशन सीरीज आई तो दर्शकों के लिए वह एक अलग अनुभव था। और, लोगों ने उस सीरीज को काफी पसंद किया। लेकिन इस बार कछुए थोड़ा अधूरा महसूस कर रहे हैं, क्योंकि बागडोर सेठ रोजन और इवान गोल्डबर्ग की प्रोडक्शन टीम को सौंपी गई है। जेफ रोवे के निर्देशन में बनी यह फिल्म  यह सातवीं नाटकीय किशोर उत्परिवर्ती निंजा कछुए की श्रृंखला का रीबूट है। जो दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरती है।

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