अभिनय
फिल्म में कारा बनीं मिली अल्कॉक का काम ठीक है। वो यकीन दिलाती हैं कि वो सुपरगर्ल हैं पर उन्हें एक दमदार कहानी का साथ चाहिए था जो नहीं मिला। विलन बने मैथियास शोनार्ट्स से डर तो नहीं लगता पर हां उन्होंने अपना काम ठीक ठाक किया है। सुपरगर्ल का साथ देते हुए ईव रिडले ने अच्छा काम किया है। जेसन मोमोआ का एक्सटेंडेट कैमियो है और वो फिल्म में माहौल बनाकर रखते हैं। कुछ सीन के लिए डेविड कोरेनस्वेट को एक बार फिर से सुपरमैन के रूप में देखकर अच्छा लगता है।
निर्देशन
निर्देशक क्रेग गिलेस्पी यहां तय ही नहीं कर पाए कि उन्हें इमोशंस दिखाने हैं, एक्शन दिखाना है या कहानी दिखाना है। सुपरगर्ल कारा हमारे सुपरमैन उर्फ क्लार्क केंट की कजिन सिस्टर है। फिल्म में कारा का भी पास्ट दिखाया गया है ठीक वैसे ही जैसे सुपरमैन का भी दिखाया जाता है। पर कारा का पास्ट कुछ इस तरह से दिखाया गया कि हम उससे कनेक्ट ही नहीं कर पाते। कारण, उसे पेश करने का तरीका।
फिल्म का प्रेजेंटेशन और स्टोरी टेलिंग बहुत ही खराब है ये बेहतर हो सकता था। DC का इतना बड़ा नाम होने के बाद भी कुछ सीन वीएफएक्स के मामले में कमजोर थे। लगभग पूरी फिल्म की कहानी पृथ्वी के बाहर की लिखी गई है। एक पल के बाद आपको घर की याद आने लगती है।
पूरी फिल्म में कुछ ना कुछ मिसिंग सा लगता है और थिएटर से निकलकर आप कहते हैं कि ठीक है एक और फिल्म देख ली है पर इसमें कुछ ऐसा नहीं जो याद रखा जाए।
पाॅजिटिव पॉइंट
फिल्म में सुपरमैन और लोबो दोनों ही किरदारों का कैमियो है। बस यही दो वजह हैं इस फिल्म को देखने की क्योंकि जितनी देर ये रहते हैं आप एंजॉय करते हैं। थोड़ा बहुत क्रिप्टो भी आपको एंटरटेन करता है।
नेगेटिव पॉइंट
पूरी फिल्म बस चल रही है और आप देख रहे है। विलन क्यों मार रहा है? किसलिए मार रहा है? कुछ महसूस नहीं होता। कारा की बैक स्टोरी भी उतनी दमदार नहीं। DC का इतना बड़ा नाम है पर इसके बावजूद यह फिल्म उस हिसाब की नहीं है, जितनी उम्मीद के साथ आप बतौर DC फैन जाएंगे
देखें या नहीं?
DC वर्ल्ड के फैन हैं तो एक बार देख सकते हैं। वो भी इसलिए कि आगे कहीं कुछ मिस ना हो जाए।