हिंदी सिनेमा के संगीत की नब्ज समझने वालों की नजर इन दिनों जिस पुरुष गायक पर सबसे ज्यादा टिकी है, उन यासर देसाई का नया गाना नैना ये इन दिनों सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रहा है। गाने का मार्केटिंग भले उस स्तर की न हो जैसी टी-सीरीज कंपनी अपने गायकों के गानों की करती है, पर यासर देसाई की आवाज असर कर रही है। उनकी जगह धीरे-धीरे ही सही पर पार्श्व गायन में बन रही है।
निर्देशक अनुभव सिन्हा के बारे में जो लोग शुरू से जानते हैं, वे ये भी जानते हैं कि फिल्म निर्देशक बनने से पहले अनुभव ने देश के कुछ बेहतरीन म्यूजिक वीडियोज निर्देशित किए हैं। सोनू निगम की कामयाबी की शुरूआत में अनुभव के म्यूजिक वीडियोज का खासा योगदान रहा है। मुंबई की आबोहवा ने उन्हें बीच में काफी भटकाया, लेकिन कमर्शियल सिनेमा में अपना असल गुर भूले अनुभव पहले मुल्क और अब आर्टिकल 15 में घर लौट रहे हैं।
नैना ये एक रोमांटिक गाना है जो खेतों से शुरू होकर ककई ईंटों की बनी इमारतों और शांत पानी की धारों से होता हुआ धीरे-धीरे रिसता है। गाने का असर परदे पर दिखते कलाकारों के अभिनय से भी मजबूती पाता है। कैमरा ताल के साथ ही धीरे धीरे थिरकता है और एडिटिंग भी वैसे ही है जैसी इस गाने की होनी चाहिए।
रश्मि विराग को दिल की सिलवटें सुलझाने में महारत हासिल है। उनके बोल के हिसाब से पीयूष शंकर ने संगीत भी सजा दिया है। गाने में मिट्टी की खुशबू है और गेहूं के लहलहाते खेतों सी रवानगी भी। सांवरे से बांवरे से, दो नैना ये, मौसम के मिजाज से भी मेल खाता है और इस मॉनसून का फेवरिट गाना बनने के इसके भीतर सारे गुण मौजूद हैं।