जब तक हिंदी सिनेमा में गीतकारों को फिल्म की पटकथा पढ़ने को मिलती रही और वह उसके हिसाब से जगह तलाश कर गाने लिखते रहे, हिंदी सिनेमा का संगीत महीनों तक लोगों की गाड़ियों और घरों में बजता रहा। अब जमाना प्रोजेक्ट बनाने का है। अलग अलग गीतकारों को मूड के हिसाब से गाने लिख लाने को कहा जाता है और उसे प्रोजेक्ट में फिट कर दिया जाता है। समीर की पीढ़ी के बाद के नए गीतकार हैं वायु। स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 के गाने मुंबई दिल्ली दी कुड़ियां में उन्होंने की तुकबंदी की अति कर दी है। दिल्ली की कुड़ियां तक तो समझ आता है, मुंबई की तो मुलगियां होना चाहिए। इतना भी पंजाबी होने का क्या फायदा?
जी म्यूजिक के पास दमदार गायक हैं नहीं तो इस गाने के लिए उसने अपने दो नए गायक करण जौहर को चिटका दिए हैं। विशाल डडलानी के सुर भी ऊपर से छिड़क दिए गए हैं। गाने के बोल श्रोताओं को समझ नहीं आएंगे ये जानते हुए गाने के साथ इसके बोल भी यूट्यूब पर गाने के साथ ही डाल दिए गए हैं। पुनीत मल्होत्रा के पैमाने से भी नापें तो ये गाना राधा तेरी चुनरी के मुखड़े के मुकाबले भी कहीं नहीं ठहरता। जिम्नास्टिक सा डांस करते टाइगर श्रॉफ गाने में असर नहीं छोड़ पाते। अनन्या पांडे और तारा सुतारिया ने नाचने की बजाय दूसरी हरकतों से दर्शकों का ध्यान खींचने की कोशिश की है, और वे भी बेअसर ही रही हैं।