हैलो फ्रैंड्स! आपने चैनलों की आपसी होड़ पर आधारित कई फिल्में देखी होंगी। इन फिल्मों में जर्नलिस्ट को अपने सीनियर के चंगुल में फंसता भी देखा होगा। कुछ-कुछ ऐसी ही कहानी पर आधारित है फिल्म 'रश'। तो चलिए जानते हैं 'रश' आपका मनोरंजन करने में कामयाब होगी या नहीं।
कहानी
सैम यानी समर ग्रोवर (इमरान हाशमी) पल्स 365 चैनल में सीनियर इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट है। सैम सच की लड़ाई लड़ने और सच्ची घटनाओं को दिखाने में यकीन रखता है। लेकिन बावजूद इसके सैम को बहुत जल्दी सक्सेसफुल बनने की भी तमन्ना है। सैम की गर्लफ्रेंड आहना (सागारिका) अपनी खुद की पेटिंग एक्जिबिशन लगाती है।
एक बार प्रिंस नामक शार्प शूटर (मुरली शर्मा) के इंटरव्यू में सैम कई खुलासे करता है लेकिन बाद में फंस जाता है जिससे गुस्से में वो जॉब छोड़ देता है। कुछ घंटों में ही सैम के पास एक नामी चैनल 'क्राइम 24' से चीफ एडिटर की जॉब का ऑफर आता है। जिससे सैम की दुनिया बदल जाती है। जहां रॉचर खन्ना (आदित्य पंचोली) और लिसा कपूर (नेहा धूपिया) सैम को लीड करते हैं।
रातों-रात सैम चैनल को टॉप पर पहुंचा देता है लेकिन इसी बीच सैम को इस चैनल की असली सच्चाई के बारे में पता चलता है जिससे सैम को सदमा पहुंचता है और फिर शुरू होती है सैम की जंग। आखिर सैम को क्या पता चला? सैम की जंग क्या थी, फिल्म का टर्निंग प्वॉइट क्या है, ये जानने के लिए आप फिल्म देखेंगे तो अच्छा होगा।
अभिनय
सागरिका का फिल्म में कोई रोल नहीं था, वहीं पूरी फिल्म में इमरान हाशमी छाए रहे, इंवेस्टीगेटिव जर्नलिस्टि होने के बावजूद कई जगहों पर इमरान बेहद कैजुअल दिखें। आदित्य पंचोली पहले से अधिक फिट लग रहे थे लेकिन एक विलेन के रोल में कुछ खास जमे नहीं। नेहा धूपिया एक्टिंग के बजाय ज्यादा शो पीस के लिए नजर आ रहीं थीं।
संगीत
फिल्म में यूं ही अचानक गानों का बिना किसी सिचुएशन के शुरू हो जाना काफी खलता है। वैसे फिल्म के दो गाने ठीकठाक है। अदनान सामी का 'ओ रे खुदा' और हार्ड कौर का 'फुकरा'।
निर्देशन
प्रियंका देसाई के निर्देशन में बनी इस फिल्म का पहला पार्ट फास्ट है और दिलचस्पी भी जगाता है। सेकेंड पार्ट तक आते-आते फिल्म धीरे-धीरे समझ आने लगती है कि क्या होगा और अचानक फिल्म खत्म हो जाती है। फिल्म के छोटा होने के कारण दर्शक फिल्म से अपने आपको पूरी तरह जोड़ नहीं पाते। फिल्म में कुछ खामियां है जैसे एक सीनियर रिपोर्टर को चीफ एडिटर बनाते ही रईसजादा दिखा देना, जैसे एक करोड़ की सैलेरी और बीएमडब्ल्यू गाड़ी देना।
वहीं पर चैनल के पास इतना पैसा होने के बावजूद सिर्फ 11 ओबी वैन दिखाई जाती है, जो हजम नहीं होता। प्रियंका देसाई, सागरिका से कुछ काम नहीं ले पाई। वहीं नेहा धूपिया को एक मॉडल या यूं कहें कि शो पीस के तौर पर दिखाया गया है। यानी कहानी और कलाकारों पर अच्छी तरह से काम होता तो फिल्म अच्छी बन सकती थी। फिल्म में रिसर्च की कमी भी थी, क्योंकि इस तरह के टॉपिक पर पहले भी फिल्म बन चुकी हैं।
क्यों देखें
क्राइम चैनल अपने चैनल को टॉप रखने के लिए किस हद तक गिर सकते हैं ये जानने के लिए आप फिल्म देख सकते हैं। क्राइम चैनलों के अंदर की कहानी क्या होती है, यह देखने के लिए भी आप इस फिल्म को देख सकते हैं। यदि आपके पास इस वीकएंड में कुछ खास करने के लिए नहीं है तो वन टाइम वॉच इस फिल्म को आप देख सकते हैं।
क्यों न देखें
यदि इमरान हाशमी आपको पसंद न हों और आपको मीडिया इंडस्ट्री की कहानी को जानने में कोई दिलचस्पी नहीं है तो ये फिल्म आपके लिए नहीं है।
एक्स्ट्रा शॉट्स
ये फिल्म पहले 24 अक्तूबर को रिलीज होने वाली थी और इसी डेट के पोस्टर भी बनाए गए थे लेकिन 'चक्रव्यूह' के सामने इस फिल्म को रिलीज नहीं किया गया।इस फिल्म को बनाने की शुरूआत 2010 में निर्देशक शमीन देसाई ने की थी। लेकिन उनकी असमय मृत्यु के कारण फिल्म बीच में रूक गई और मान लिया गया कि फिल्म अब नहीं शुरू होगी। लेकिन शमीन की पत्नी प्रियंका देसाई ने हार नहीं मानी और इस फिल्म को दोबारा नए सिरे से शुरू किया। लेकिन उसका नाम बदल दिया गया और स्टार कास्ट वही रही।इस फिल्म का नाम पहले ‘रफ्तार 24 बाय 7’ रखा गया था। फिल्म पूरी तरह से इमरान हाशमी के कंधों पर है शायद यही वजह थी कि उन्होंने प्रियंका देसाई के साथ फिल्म को दोबारा बनाने में बेहद दिलचस्पी ली।बहुत कम फिल्मों में होता है कि इमरान खान की सीरियल किसर इमेज बदल जाए। इस फिल्म में आप कुछ ऐसा ही पाएंगे।
इस फिल्म के लिए नेहा धूपिया ने अपने बाल बहुत छोटे करवाए थे।
फिल्म के सितारे
पिछले महीने ही इमरान की फिल्म 'राज थ्री' ने बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी का परचम लहराया है। 'रश' फिल्म में भी इमरान का काम लोगों को पसंद आएगा। यह साल इनके लिए लकी है। लेकिन जो सफलता उन्हें 'राज थ्री' से मिली थी। वैसी सफलता की उम्मीद इमरान को नहीं करनी चाहिए। यह फिल्म ऐसे समय में रिलीज हुई जब शुक्र की स्थिति फिल्म और कला जगत के लिए अनुकूल नहीं है। नेहा धूपिया निगेटिव रोल में दर्शकों को पसंद आएगी लेकिन कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं कर पाएंगी। फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन सामान्य रहेगा।
(राकेश झा)