इस गाने पर ज्यादा कुछ कहने से पहले आपको सुनाते हैं इसका असली गाना, जो गाया है अताउल्ला खां एसाखेलवी ने। सन 72 में पाकिस्तान रेडियो बहावलपुर पर एसाखेलवी का जो पहला प्रोग्राम हुआ तो उसके बाद से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कोक स्टूडियो पर भी वह दो बार आ चुके हैं और दोनों बार जो उन्होंने गाया है वह आत्मा को परमात्मा से मिला देने से कम नही हैं। टी सीरीज ने उनके जिस गाने को बेवफाई नाम से रोचक कोहली की धुन में फंसा कर और टिक टॉक के तथाकथित स्टार मिस्टर फैजू के चेहरे के साथ रिलीज किया है, एसाखेलवी के इस गाने का एक रीमिक्स ये कंपनी इससे पहले 1993 में भी रिलीज कर चुकी हैं। इन दोनों गानों के बारे में पढ़ने से पहले यहां सुन लीजिए अताउल्ला खां साब की आवाज में ये बेहद रूहानी गाना। फिर आगे की बात करते हैं -
तो 2020 में जिस गाने को रीक्रिएट या रीमिक्स जो भी आप समझें, करके रोचक कोहली ने नया तनिष्क बागची बनने की कोशिश की है, उसी गाने को उनसे पहले संगीतकार जोड़ी निखिल विनय उनसे बेहतर अंदाज में पेश कर चुकी है। तब इस गाने को आवाजें दी थीं उदित नारायण और अनुराधा पौडवाल ने। वो म्यूजिक की वाकई समझ रखने वाले गुलशन कुमार का जमाना था। उनकी बनाई अताउल्ला खां सीरीज की एक भी कैसेट कभी नहीं पिटी। अपने भाई कृष्ण कुमार को हीरो बनाने के लिए उन्होंने फिल्म बनाई थी बेवफा सनम। इस फिल्म की रिलीज से पहले ही अताउल्ला खां के पाकिस्तान की जेल में बंद होने की खबरें यहां वहां छपीं। प्रचार कुछ ऐसा हुआ कि लोगों कि लगे कि बेवफा सनम अताउल्ला खां की बायोपिक है, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ नहीं था। जब अपने यहां इमरजेंसी लगी हुई थी, अताउल्ला खां के रिकॉर्ड उन दिनों पाकिस्तान में बिकने के भी रिकॉर्ड बनाया करते थे। साल 1980 में अताउल्ला एसाखेलवी का लंदन में बहुत मशहूर कंसर्ट हुआ और उसके बाद से उनके रिकॉर्ड विदेशी कंपनियों की मेहरबानी से दुनिया भर में फैल गए। इन्हीं अताउल्ला खां के बेवफाई गाने का टीसीरीज से निकला पहला रीमिक्स सुनिए उदित नारायण और अनुराधा पौडवाल की आवाज में और फिर हम आपको बताते हैं कि इसके दूसरे रीमिक्स के मुजरिम कौन हैं?
साल 1993 में जिस गाने को गुलशन कुमार ने रीमिक्स किया था उसी गाने को एक बार फिर रीमिक्स किया है उनके बेटे भूषण कुमार ने। इस बार संगीतकार हैं रोचक कोहली। रोचक कोहली ने अपने करियर में तमाम बेहतरीन ओरीजनल गाने बनाए हैं। 20 अप्रैल को जमाना विकी डोनर की रिलीज की आठवीं सालगिरह मना रहा है। रोचक की बतौर संगीतकार ये पहली फिल्म थी। ओरीजनल सिनेमा करते करते इस फिल्म के हीरो आयुष्मान खुराना टॉप 3 सितारों में पहुंच गए हैं और रोचक कोहली अब भी रीमिक्स की झंकारों में उलझे हैं। कोहली कमाल की कंपोजीशन बनाते रहे हैं लेकिन एक लड़की देखा तो ऐसा लगा का रीमिक्स करके उन्होंने अपने करियर पर बड़ा दाग लगाया है। टी सीरीज ने तो सिर्फ सारेगामा से शुरू हुए उनके इस रोग को कोरोना पहनाया है। गाना लिखा है मनोज मुंतशिर ने जिनका गाना तेरी मिट्टी में मिल जावां, बीते दशक के बेहतरीन गानों में से एक है। उस गाने को फिल्मफेयर पुरस्कार क्यों नहीं मिला, ये मनोज कभी सन्नाटे में अमेठी की किसी बगिया की छांव में बैठकर सोचेंगे तो समझ आ जाएगा। रश्के कमर या तमाम इफरात से रीमिक्स गानों में दूसरों के मुखड़ों पर नए अंतरे वाले मनोज के गानों को भी हिट्स खूब मिले हैं लेकिन साहिर, हसरत और आनंद जैसी रवानी जो उनके लिखने में रही है, वह इन रीमिक्स के चक्कर में बदनाम है। वैसा ही बदनाम सा ये गाना है, टी सीरीज का बेवफाई। सुनिए और खुद ही फैसला कीजिए कि एसाखेलवी, उदित और संचेत की इस कड़ी में कौन आसमान का आफताब है और कौन ...