प्लीज फाइंड अटैच्ड सीजन 3
- फोटो : सोशल मीडिया
प्लीज फाइंड अटैच्ड सीजन 3
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विज्ञापनों ने किया बंटाधार
वेब सीरीज ‘प्लीज फाइंड अटैचड’ (Please Find Attached) का तीसरा सीजन उन लोगों के लिए ही मुफीद है जिनके पास मोबाइल पर बिताने को ढेर सारा टाइम है। हर चार पांच मिनट बाद एक विज्ञापन है जिसे यूट्यूब की तरह आप स्किप नहीं कर सकते। अमेजन मिनी टीवी का मूल मंत्र यही है। फ्री की वेब सीरीज के साथ ढेर सारे विज्ञापन। इन विज्ञापनों के चलते कहानी का तारतम्य बिगड़ता है जो आप देख रहे होते हैं, उसका मजा खराब होता है। पहले एपीसोड के हिसाब से देखें तो इसकी पटकथा भी खास चुस्त नहीं है। साल्सा ट्रेनिंग का हिस्सा बिना किसी खास मकसद के लंबा खिंचता है और बोर करने लगता है।
प्लीज फाइंड अटैच्ड सीजन 3
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लचर निर्देशन, सुस्त पटकथा
अमेजन मिनी टीवी की ‘प्लीज फाइंड अटैचड’ (Please Find Attached) के सीजन 3 का पहला एपीसोड वहां आकर रुकता है जहां शौर्य और सान्या अपनी पहली मुलाकात की बात करते हैं। सान्या बताती है कि वह उसके साथ पहली डेट पर आकर खूब हंसी है। अब मतलब कि सीरीज चल रही है तो इसमें कोई हंस रहा है और उसे भी कहकर बताने की जरूरत है। समझा जा सकता है कि निर्देशक का ध्यान कहां है। अक्षय झुनझुनवाला की पटकथा हर सीन में एक ऐसा झुनझुना पकड़ाते चलती है कि दर्शक बहलता रहे लेकिन असल में ऐसा हो नहीं पाता है। मंदार कुरुंदकर का निर्देशन भी बहुत ही औसत दर्जे का है। बरखा सिंह की अठखेलियों के चलते मन जरूर एपीसोड में अटका रहता है। बाकी कुछ खास है नहीं।
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देखें कि न देखें
विज्ञापनों के साथ वेब सीरीज दिखाने की शुरुआत देश में एमएक्स प्लेयर ने की। कंपनी की माली हालत का क्या हाल है, ये मुंबई में किसी भी उस निर्माता से पूछा जा सकता है जिसके पैसे कंपनी पर अब भी बकाया है। नेटफ्लिक्स के शेयर साल की शुरूआत से जब से गिरने शुरू हुए, वह भी विज्ञापनों के साथ वाली सामग्री परोसने की फिराक में है। अमेजन प्राइम वीडियो ने अपना दामन साफ रखा और मुफ्त की सीरीज अमजेन प्राइम के शॉपिंग ऐप पर मिनी टीवी के रूप में आगे बढ़ा दीं। मुफ्त की सीरीज ‘प्लीज फाइंड अटैचड’ (Please Find Attached) सीजन 3 के पहले एपीसोड में तो कोई खास दम नहीं है। बाकी आगे देखते हैं क्योंकि सीरीज अभी बाकी है।