जानी पहचानी सी कहानी का विस्तार
फिल्म ‘मर्डर मिस्ट्री 2’ भी ऐसा ही एक तुक्का है और ये निशाने पर तो बिल्कुल ही नहीं लगा है। इस फिल्म को देखने के लिए आपको इसकी पहली कड़ी फिल्म ‘मर्डर मिस्ट्री’ देखने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये सीक्वल शुरू ही होती है पिछली फिल्म के सारांश से। फिर भी जिनको नहीं पता है, उनको बताना ठीक रहेगा कि फिल्म फिल्म ‘मर्डर मिस्ट्री’ में लोकप्रिय कलाकारों एडम सैंडलर और जेनिफर एनिस्टन ने निक और ऑड्री स्पिट्ज की भूमिका निभाई जो एक हत्या की तफ्तीश शुरू करते हैं तो फिर हत्याओं का ही सिलसिला शुरू हो जाता है।
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शादी, छम्मा छम्मा मर्डर
फिल्म ‘मर्डर मिस्ट्री 2’ का डीएनए भी यही हैं। बस इस बार फिल्म की शुरुआत छम्मा छम्मा से लेकर तमाम पंजाबी गानों और हिंदी फिल्मों में दिखने वाली रईसों की शादियों जैसे दृश्यों से होती है। निक और ऑड्री जब नामी जासूस बनने के लिए जरूरी इम्तिहान की तैयारी कर रहे होते हैं तो पिछली फिल्म में मिले महाराजा का उनको फोन आता है। दोनों को शादी के लिए फ्री की हेलीकॉप्टर यात्रा, फ्री के आईफोन और ढेर सारे भारतीय परिधान और एक अनजाने से द्वीप पर शानदार विला मिलती है। मेहंदी की रस्म के बाद बारात आनी है। हाथी मंडप में पहुंचता है लेकिन उसकी पीठ पर सवार तथाकथित दूल्हा महाराजा नहीं है। और, जो दूल्हा बनकर आया है, उसकी पीठ में किसी ने छुरा घोंप दिया। ‘मर्डर मिस्ट्री 2’ शुरू हो चुकी है। निक और ऑड्री जितना रायता फैला सकते हैं, पूरी फिल्म में फैलाते रहते हैं लेकिन इसे समेटना न तो फिल्म के लेखक के वश में नजर आता है और न ही इसके निर्देशक के।
बिना सस्पेंस की ‘मर्डर मिस्ट्री’
जेम्स वेंडरबिल्ट ने एक कॉमिक थ्रिलर के जो किरदार फिल्म ‘मर्डर मिस्ट्री’ में सोचे थे, वे बहुत जाने पहचाने और अपने आसपास के ही दिखते हैं। इन किरदारों को कमोबेश लोगों ने पसंद भी किया लेकिन फिल्म ‘मर्डर मिस्ट्री 2’ में इन किरदारों ने खुद को मिले इस प्यार को कुछ ज्यादा ही गंभीरता से ले लिया। बजाय कहानी पर काम करने के फिल्म बनाने वालों ने इसे भव्य और आलीशान बनाने पर मेहनत ज्यादा की है। शुरू के 20 मिनट तक महाराजा की शादी में समय खर्च करने के बाद कहानी जब हत्या की तफ्तीश और महाराजा को अपहर्ताओं से छुड़ाने तक आती है, दर्शकों की रुचि ही फिल्म से खत्म होने लगती है। इसके बाद कहानी पेरिस तक आती है। साथ में एमआई 6 का एक पूर्व जासूस भी है। एक्शन, इमोशन और ड्रामा भी है लेकिन सस्पेंस अब कहानी में नहीं है।
कमजोर सी कॉमिक थ्रिलर
और, बिना कहानी के फिल्म ‘मर्डर मिस्ट्री 2’ बस आगे घिसटती सी जाती है, बिना सिर पैर की किसी फिल्म की तरह। एडम सैंडलर की कलाकारी के लोग दुनिया भर में मुरीद रहे हैं। मान्यवर टाइप शादी के लिए बनी शेरवानी में वह जंचते भी खूब हैं। जेनिफर एनिस्टन के पास खूबसूरत दिखने के अलावा बुद्धू बने रहने की भी जिम्मेदारी है। निक और ऑड्री के रूप में दोनों की आपसी कहासुनी हास्य पैदा कर पाने में विफल रहती है। दोनों के संवादों के आपसी तालमेल (ट्यूनिंग) में भी दिक्कत है। फिल्म के बाकी कलाकारों में महाराजा बने अदील अख्तर और उनकी बहन बनी कुहू वर्मा अपना प्रभाव छोड़ने की भरसक कोशिश करती हैं, पर उनकी हरकतों पर भी हंसी आती नहीं है।