फिल्म 'मर्डर मुबारक' की कहानी दिल्ली के द रॉयल क्लब में हुए एक मर्डर के इर्द -गिर्द घूमती है। इस क्लब में शहर के अमीर लोगों के अलावा फिल्मी सितारों से राजा-महाराजा तक का आना जाना है या यूं कह लें कि यह एक ऐसा क्लब है, जहां पर आना लोग अपनी शान समझते हैं। इसी दौरान शहर के सभी नामी गिरामी लोग शक के घेरे में तब आ जाते हैं, जब उसी क्लब में एक्सरसाइज करने के दौरान एक लड़के लियो मैथ्यू की मौत हो जाती है। शहर के एसीपी भवानी सिंह इस मौत की तहकीकात करते हैं। क्लब के प्रेसिडेंट का मानना है कि यह महज एक हादसा है, लेकिन एसीपी भवानी सिंह इसे हादसा नहीं, बल्कि एक सोची समझी हत्या मानते है और इस हत्या की गुत्थी सुलझाते हैं। क्लब में आने वाले सभी लोग शक के घेरे में हैं।
फिल्म में लियो मैथ्यू का ऐसा किरदार दिखाया गया है जो क्लब में आने वाले हर किसी शख्स का राज जनता है। एसीपी भवानी सिंह को लगता है कि यही उनकी हत्या की असली वजह हो सकती है। एसीपी भवानी सिंह का शक उस समय यकीन में बदल जाता है, जब वह देखता है कि लियो मैथ्यू की मौत के समय सीसीटीवी कैमरे को पूरी तरह से ढक दिया गया था। फिल्म 'मर्डर मुबारक' कहानी अनुजा चौहान की किताब 'क्लब यू टू डेथ' पर आधारित है और इसे फिल्म के लिए अनुजा चौहान, गजल धालीवाल, सुप्रतिम सेनगुप्ता ने मिलकर लिखा है। पटकथा ऐसी है कि दर्शकों को बोर नहीं होने देती और जब फिल्म में एक-एक रहस्य से पर्दा उठता है तो उसे देखकर दर्शक काफी चौंकते भी हैं।
फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' के बाद निर्देशक होमी अदजानिया की फिल्म 'मर्डर मुबारक' सिनेमाघरों में रिलीज न होकर सीधे ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है। इससे पहले होमी अदजानिया की वेब सीरीज 'सास बहू और फ्लमिंगो' पिछले साल डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर स्ट्रीम हुई थी। होमी अदजानिया की खूबी यह है कि फिल्म या सीरीज किसी भी जॉनर की हो, वह दर्शकों की नब्ज को अच्छी तरह से समझते हैं। इस फिल्म की भी खासियत यही है कि अंत तक दर्शकों को पता नहीं चल पाता है कि मर्डर किसने किया है। फिल्म में इस रहस्य को होमी अदजानिया पूरी तरह से बरकरार रखने में सफल रहे हैं।
इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी ने एसीपी भवानी सिंह की भूमिका निभाई है। पंकज त्रिपाठी की खासियत यह है कि भूमिका कैसी भी हो, जिसमें वह पूरी तरह से जान डाल देते हैं। फिल्म में हर किसी को जी कहकर बुलाना उनका अंदाज बहुत ही अच्छा लगता है। फिल्म में सारा अली खान के किरदार में अभिनय के कई रंग देखने को मिले हैं। बांबी टोडी की भूमिका में अपना वह अलग असर छोड़ती हैं। करिश्मा कपूर ने काफी लंबे समय के बाद किसी फिल्म में वापसी की है। शहनाज नूरानी की भूमिका में कमाल की लगती हैं। कुकी कटोच की भूमिका में डिंपल कपाड़िया, रोशनी बत्रा की भूमिका में टिस्का चोपड़ा, रणविजय सिंह की भूमिका में संजय कपूर और लियो मैथ्यू की भूमिका में आशिम गुलाटी का जबरदस्त पर्फार्मेंस रहा है। विजय वर्मा ने आकाश डोगरा की भूमिका निभाई है, फिल्म में भले ही उनको कम जगह मिली है, लेकिन वह अपनी एक अलग ही छाप छोड़ जाते हैं।