निर्माताः विजय बंसल
निर्देशकः मनोज तिवारी
सितारेः अभिमन्यु सिंह, पंकज त्रिपाठी, रवि किशन, संदीपा धर, संजय मिश्रा, अखिलेंद्र मिश्रा
रेटिंग **
हर बाबा का एक बैकडेट रिकॉर्ड होता है। कई बार उसे सिर्फ वह स्वयं जाता है। कई बार वह समाज या पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज होता है। मगर बाबाओं को छेड़ने ही हिम्मत कभी कभार ही दिखती है। राजनीति, प्रशासन और कई बार मीडिया भी उसकी लोकप्रियता तथा अर्थतंत्र के जाल में उलझ जाते हैं। ऐसे में बाबा अपनी तरफ से ही कोई ब्लंडर कर दे तो बात अलग, वर्ना उनकी पूजा अनपढ़-गंवार-गरीबों से लेकर पढ़े-लिखे-अमीर तक सब करते हैं।
जिस बाबा का सिक्का जितना चलता है उसका संसार उतना फूलता-फलता है। निर्देशक मनोज तिवारी की पहली फिल्म ग्लोबल बाबा इन्हीं बातों की न केवल पोल खोलने के प्रयास करती है बल्कि पूरे माहौल की चुटकी तक लेती है।
एक पुलिस अधिकारी राजनेता के इशारे पर अपराधी (अभिमन्यु सिंह) को एनकाउंटर के वास्ते ले जाता है मगर वह पुलिसवाले को चकमा देकर फरार हो जाता है। भागने से पहले एक गोली उसे लगती है लेकिन बाबाओं का झुंड उसे बचा लेता है।
अपराधी को एक पुराना साथी (पंकज त्रिपाठी) मिलता है जो मौनी बाबा बन कर जिंदगी गुजार रहा है। वह समझाता है कि बाबा बनने के बाद न केवल वह पुलिस से बच जाएगा बल्कि जिंदगी भी चमक जाएगी।