इंस्पेक्टर अविनाश सीजन 2 रिव्यू
- फोटो : इंस्टाग्राम@randeephooda
इंस्पेक्टर अविनाश सीजन 2 रिव्यू
- फोटो : सोशल मीडिया
अभिनय
सभी किरदारों का कास्टिंग बहुत ही सोच समझ कर की गई है। चाहे उनका स्क्रीन टाइम कितना भी हो वो पूरी तरह से किरदार में रमे हुए नजर आते हैं। अविनाश मिश्रा के किरदार में रणदीप हुड्डा इस बार भी उतने ही दमदार और ठसक वाले लगे हैं जितने वो पिछने सीजन में थे। बोली से लेकर हर एक एक्शन में आपको एक सुपर कॉप का अंदाज दिखता है।
वहीं उर्वशी रौतेला का किरदार पूनम मिश्रा सीरीज की शुरुआत में कुछ धीमी लग सकता है पर वो कहानी की मांग है। दूसरी तरफ शेख के किरदार को अमित सियाल ने काफी निखारा है। वो दमदार लगे हैं।
कहानी के दूसरे विलेन यानी देवीकांत त्रिवेदी के किरदार में अभिमन्यु सिंह को ज्यादा डॉयलाग्स नहीं मिले पर उन्होंने अपने हाव-भाव से इसे बेहतर बनाया है। इसके अलावा रजनीश दुग्गल, शालीन भानोट, जाकिर हुसैन और फ्रैडी दारूवाला समेत अन्य कलाकारों ने अपने छोटे-छोटे किरदारों के साथ इंसाफ किया है।
सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश'
- फोटो : इंस्टाग्राम@randeephooda
निर्देशन
निर्देशक नीरज पाठक ने सीरीज के शुरुआत तो बड़ी अच्छी की। शुरुआती छह एपिसोड में कई किरदार और कहानी दोनों ही महात्वपूर्ण दिखाई देते हैं। यह धीरे-धीरे बिल्ट होती है और आप इसे सुकून से देखते हैं। पर सातवें एपिसोड़ के बाद ही सीरीज की गति बढ़ जाती है और रणदीप की एक्टिंग सुस्त पड़ जाती है।
अंत के कुछ एपिसोड में वो थके हुए से नजर आते हैं। जिन घटनाओं को शुरुआत में काफी गंभीर दिखाया जाता है, अंत में उन्हें काफी हल्का बना दिया जाता है। इसे अच्छे से खत्म करते तो यह एक बेहतरीन सीरीज बन सकती थी।
देखें या नहीं ?
‘इंस्पेक्टर अविनाश सीजन 2’ के कुल दस एपिसोड हैं। अगर एक्शन-क्राइम देखने के शौकीन हैं तो अपको इस सीरीज को बिल्कुल भी मिस नहीं करना चाहिए। हां, थोड़ी लंबी है पर यह आपको कहीं निराश नहीं करती। शुरू के हर एपिसोड में आपको अलग ही सस्पेंस मिलोगा।