छोटा ग्रूट, बड़ा धमाल
कुदरत की कोई भाषा नहीं होती है। जंगल जितने अमेरिका के नेशनल पार्क के सुंदर लगते हैं, उतना ही सुकून ये जंगल अपने यहां भी देते हैं। ग्रूट जब पहली बार मार्वल सिनेमैटिक यूनीवर्स की कहानी में दिखा था तभी से उसने दुनिया भर के दर्शकों को मोहित कर लिया था। यहां कहानी बेबी ग्रूट की है। मशहूर किरदारों के बचपन पर अलग से कहानियां खूब लोकप्रिय रही हैं। भारत में ‘छोटा भीम’, ‘लिटिल सिंघम’ हैं, हॉलीवुड में ‘बेबी योडा’ है और अब बेबी ग्रूट है। सबसे मजेदार बात इस किरदार की है कि ये हर परिस्थिति में बोलता सिर्फ एक ही बात है, ‘आई एम ग्रूट’। अपनी हर कहानी के इस इकलौते संवाद में ही इसका गुस्सा, इसकी खुशी, इसकी खीझ और इसका रास छुपा है। और, अपनी आवाज के आरोह, अवरोह से सिर्फ इस एक लाइन के जरिये ग्रूट की भावनाएं बेहद खूबसूरती से जताते हैं अभिनेता विन डीजल। उनके बोले ये संवाद भी इस सीरीज को चमकाने में मदद करते हैं।
पांच कहानियां, पांच कलेवर
बेबी ग्रूट की कहानियां कहती वेब सीरीज ‘आई एम ग्रूट’ में पांच अलग अलग कहानियां हैं। इन कहानियों का भी आपस में कोई लेना देना नहीं है। यानी कि आप कोई भी कहानी पहले और कोई भी कहानी बाद में देख सकते हैं। लेकिन, थोड़ा समझते हुए सीरीज देखनी हो तो क्रम है, ‘ग्रूट्स फर्स्ट स्टेप्स’, ‘द लिटिल गाय’, ‘ग्रूट्स परस्यूट’, ‘ग्रूट टेक्स ए बाथ’ और ‘मैगनम ऑपस’। ये सीरीज एक तरह से डिजनी और मार्वल के मिलन का उत्सव भी है। डिज्नी की एनीमेशन फिल्मों के शौकीन रहे दर्शक जानते हैं कि कैसे वाल्ट डिज्नी ने कम से कम संवादों का सहारा लेकर सिर्फ किरदारों के हाव भाव से संवाद संप्रेषण में महारत हासिल की थी। वेब सीरीज ‘आई एम ग्रूट’ भी इसीलिए एक शानदार सीरीज बनकर उभरती है क्योंकि इसमें संवाद गिनती के हैं या कहें कि न के बराबर हैं।
ग्रूट के गुमान से ग्रूट के गुम होने तक
पाचों एपीसोड्स में से मेरा अपना सबसे एपीसोड रहा ‘ग्रूट टेक्स ए बाथ’। नन्हा सा पौधा ग्रूट जब तालाब में कीचड़ खेलने उतरता है तो इसके नतीजों से अनजान है। खाद, पानी पाकर ग्रूट के साथ जो होता है, वह वाकई आनंददायक है। ग्रूट के तरह तरह के रूप और तरह तरह के स्वांग इस एपीसोड में बहुत ही मनोरंजक बन पड़े हैं। इसके अलावा बोंसाई ट्री से मुकाबले वाला एपीसोड हो या फिर ग्रूट की पेटिंग बनाने की कोशिश में होने वाला धमाका, ये कहानियां भी दिलचस्प हैं और दिन भर की थकान को छूमंतर कर देने वाली हैं। चार चार मिनट के एपीसोड होने के चलते पांचों एपीसोड बिंज वॉच भी किए जा सकते हैं और यकीन मानिए इस फैसले पर पछतावा भी नहीं होगा।
देखें कि न देखें
तकनीकी रूप से वेब सीरीज ‘आई एम ग्रूट’ एनीमेशन के बदलते संसार का अनोखा विस्तार है। सिनेमा के शोधार्थी इन एनीमेशन कहानियों को देख ये भी सीख सकते हैं कि कैसे अब किरदारों के लिए अलग से दृश्य प्रभाव पैदा किए जाते हैं और यह भी कि प्रकाश संयोजन भी एनमीशन फिल्मों का कितना अहम हिस्सा बन चुका है। हालांकि, वेब सीरीज ‘आई एम ग्रूट’ के कुछ एपीसोड्स में आसपास का वातावरण सृजित करने में इसकी टीम चूकी है लेकिन यहां मजबूरी शायद कहानियों के स्पेसशिप में घटित होने की रही होगी। मस्ती, म्यूजिक और मैजिक से भरी वेब सीरीज ‘आई एम ग्रूट’ की ये कहानियां इस वीकएंड पर आप अपने बच्चों के साथ देखकर भरपूर आनंद उठा सकते हैं।