तीन साल पहले छोटे परदे के हिट सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में नकली माता पिता का ट्रैक खूब हिट हुआ था। शादी के लिए नकली मां-बाप बना लेना हिंदी सिनेमा के लिए भी कोई नया आइडिया नहीं है। दीपक वेंकटेशन और प्रशांत झा ने फिल्म ‘हम दो हमारे दो’ में नया पेंच ये जोड़ा है कि इन नकली माता पिता में से जो पिता है वो नकली माताजी से हद दरजे तक फ्लर्ट कर रहा है और माताजी कुछ भी करके उसे रास्ते से हटाना चाहती हैं भले फिर उन्हें नकली विधवा मां ही क्यों न बनना पड़े। और, ये सब ड्रामा इसलिए है क्योंकि कहानी की हीरोइन को एक ऐसे लड़के से शादी करनी है जिसकी छोटी सी फैमिली और एक प्यारा सा डॉगी हो।
पिछले डेढ़ साल से सामाजिक दूरी बना बनाकर पक चुके लड़के लड़कियां अब घर की देहरी से बाहर निकल रहे हैं। सिनेमा देख रहे हैं और गौर करने की बात ये है कि बीच में जब कोरोना कुछ दिनों के लिए मध्यम पड़ा था तो जो फिल्म सिनेमाघरों तक पहुंची थी उसके निर्माता और हीरो वही हैं जो फिल्म ‘हम दो हमारे दो’ के हैं। यानी दिनेश विजन और राजकुमार राव।
दिनेश विजन की इस साल की ये आखिरी फिल्म है। ‘रुही’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई। उससे शानदार फिल्म ‘मिमी’ उन्होंने नेटफ्लिक्स को दी। और ‘मिमी’ से कमाई सारी शोहरत और ब्रांडिंग दिनेश विजन उर्फ दीनू ने डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर ‘शिद्दत’ से गंवा दी। अब स्कोर फिर से जहां से शुरू हो रहा है, वहां से ‘फिल्म हम दो हमारे दो’ के लिए स्कोर कर पाना आसान नहीं होगा।
‘फिल्म हम दो हमारे दो’ का ट्रेलर ऐसा नहीं है कि दर्शक शिद्दत से इसकी रिलीज डेट का इंतजार करे। कृति सैनन मैडॉक फिल्म्स की इन हाउस कलाकर हैं। अगर वो दोस्ती यारी से ऊपर उठकर ‘पानीपत’ और ‘मिमी’ जैसी दो चार फिल्में और कर सकीं तो हिंदी सिनेमा की चोटी की अभिनेत्रियों में शुमार होने का माद्दा रखती है। पर फिल्म ‘हम दो हमारे दो’ जैसी कहानियां उन्हें कितना आगे ले जाएंगी, ये ट्रेलर देखकर तो कहना मुश्किल है। हालांकि, अगर इस ट्रेलर को बानगी माना जाए तो पतीले का भात इस बार ठीक से पका नहीं दिख रहा।