आधुनिक जीवनशैली से पर्यावरण पर हो रहे दुष्प्रभाव और पर्यावरण के बिगड़ते हालात को दिखाती साइंस फिक्शन वेब सीरीज 'हवा बदले हस्सू' का ट्रेलर रिलीज हो गया है। पर्यावरण को निशाने पर रखकर साइंस फिक्शन बनाने का एक नया सिलसिला देश में इन दिनों शुरू हुआ है। लेकिन, इन सारी वेब सीरीज की दिक्कत एक ही है कि ये एसी कमरों में बैठकर लिखी गईं ऐसी कहानियां हैं जिनमें देश के सामने हकीकत में पैदा हो रही जमीनी समस्याओं से जुड़ाव नजर नहीं आता। जी5 की स्काईफायर, नेटफ्लिक्स की लीला और अब सोनी लिव की हवा बदले हस्सू।
विज्ञापन
हवा बदले हस्सू के ट्रेलर की शुरूआत एक ऑटो रिक्शा से होती है जिसे कई तरह के पौधों से सजाया गया है। इसी दौरान हाथ मे अखबार लिए स्मिता तांबे काफी चकित दिखाई देती हैं। फिर इस सीरीज के मुख्य किरदार हस्सू यानी चंदन राय की एंट्री एक डायलॉग के साथ होती है, "नाचीज मैं हवा सा हूं, समझो गर दवा सा हूं। मुखौटों में छिपा सा हूं, कुछ बदलने में लगा सा हूं।"
ऑटो चलाता हुआ हस्सू लोगों को पर्यावरण के बारे जागरूक करता है। फिर कुछ स्पेशल इफेक्ट्स वाले रोमांचक होने की कोशिश करते रहस्यपूर्ण दृश्यों को दिखाकर ट्रेलर ऑटो में लगे एक हिलते हुए पुतले पर खत्म होता है। ट्रेलर अगर अधपका सा दिखता है तो इसमें इस सीरीज के कलाकारों का अनमना सा अभिनय मुख्य कमजोरी है। ट्रेलर का एडिट पैटर्न और बैकग्राउंड म्यूजिक भी सामान्य है जो ज्यादा प्रभावित नही करता।
विज्ञापन
सीरीज में हस्सू का किरदार निभा रहे चंदन राय सान्याल ने कुछ बेहतर अभिनय करने की कोशिश की है। सीरीज का ट्रेलर मुंबई तथा आसपास के इलाके दिखाता है और इसी में पूरा भारत दिखाने की नाकाम कोशिश करता है।