फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Digital Review: आइडिया दमदार पर एडिटिंग में कमजोर पड़ा श्वेता त्रिपाठी की फिल्म 'गॉन केश' का ट्रेलर

Thu, 14 Mar 2019 03:22 PM IST
शिप्रा सक्सेना मुंबई डेस्क, अमर उजाला

सार

  • डिजिटल रिव्यू: गॉन केश (ट्रेलर)
  • कलाकार: श्वेता त्रिपाठी, जीतू, विपिन शर्मा, दीपिका अमीन
  • लेखक-निर्देशक : कासिम खालो 
  • बैनर : इरोज नाउ
विज्ञापन
Gone Kesh poster - फोटो : twitter
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अपनी बहुचर्चित फिल्म 'मसान' में विक्की कौशल के साथ दिखीं अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी को आखिरकार अपनी अदाकारी का हुनर दिखाने का वह मौका मिल गया है, जिसकी हर अभिनेत्री को तलाश रहती है। एक ऐसी फिल्म जिसका पूरा विषय अभिनेत्री के किरदार के आसपास ही घूमता है। फिल्म का नाम है, 'गॉन केश'। 
विज्ञापन


हाल के दिनों में कैंसर से जूझती तमाम महिला सेलेब्रिटीज ने अपने सिर के बाल जाने के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी फोटो सोशल मीडिया में साझा कीं। एक महिला का पहले से ही मशहूर होना और फिर किसी बीमारी के इलाज में बाल चले जाने के बाद इसकी फोटो साझा करके खुद को मजबूत दिखाना, बड़ी बात है। लेकिन, उससे बड़ी बात है, किसी आम लड़की को सिर्फ बाल झड़ने की ही बीमारी हो जाना और फिर इन हालात से संघर्ष के लिए खुद को तैयार करना। 

धीरेंद्र नाथ घोष प्रोडक्शंस की फिल्म 'गॉन केश' का ट्रेलर हालांकि उतना दमदार नहीं है जितना फिल्म की कहानी समझ आती है। ट्रेलर में फोकस श्वेता त्रिपाठी पर कम और कुछ ही साल पहले हेयर ट्रांसप्लांट कराने वाले अभिनेता विपिन शर्मा पर ज्यादा है। आयुष्मान खुराना इसी से मिलती जुलती एक कहानी पर बाला नाम की फिल्म कर रहे हैं। किसी पुरुष का गंजापन पूरी फिल्म का विषय होता है तो उसमें हास्य उपजता है। लेकिन किसी मध्यम वर्ग परिवार की बेटी के बाल चले जाएं तो उसकी आत्मग्लानि से उपजी पीड़ा सिनेमा का एक नया संसार रच सकती है।
विज्ञापन


बाल चले जाने की किसी स्त्री की पीड़ा को परदे पर पेश करने के लिए जिस निर्देशकीय समझ की जरूरत पड़ सकती है, उस पर 'गॉन केश' के निर्देशक खरे उतरे कि नहीं ये तो सिनेमाघरों तक फिल्म पहुंचने के बाद ही पता चलेगा लेकिन इसका ट्रेलर बेहतर हो सकता था।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें