फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fukrey 3 Review: ‘ओएमजी 2’ के बाद पंकज त्रिपाठी का एक और चौका, ‘देजा चू’ दिखाकर वरुण शर्मा फिर चैंपियन

Thu, 28 Sep 2023 07:32 AM IST
रुपाली रामा जायसवाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
फुकरे 3 - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
विज्ञापन
Movie Review
फुकरे 3
कलाकार
पंकज त्रिपाठी , ऋचा चड्ढा , पुलकित सम्राट , वरुण शर्मा , मनजोत सिंह और अली फजल
लेखक
विपुल विग
निर्देशक
मृगदीप सिंह लांबा
निर्माता
फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी
रिलीज
29 सितंबर 2023
रेटिंग
3/5

यशराज फिल्म्स की जोर शोर से घोषित फिल्म ‘पानी’ याद है आपको? वही जो शेखर कपूर बनाने वाले थे और जिसमें सुशांत सिंह राजपूत हीरो बनने वाले थे। पानी दुनिया की सबसे बड़ी समस्या बनने वाली नहीं बल्कि बन चुकी है। पानी के संकट से गुजर रहे दुनिया के डेढ़ दर्जन देशों में भारत का नंबर 13वां है। शहरों में बन रहे अंधाधुंध मकानों के चलते बोरिंग का पानी हर साल नीचे होता जा रहा है। पॉश कॉलोनियों में भी आए दिन पानी को लेकर विवाद होते रहते हैं। और, ‘फुकरे 3’ तेजी से गहराते इसी जल संकट की तरह बहुत ही मजाकिया तरीके से इशारा करती है। फिल्म देखकर अगर आपने भी इस तरफ सोचने की कोशिश की तो फिल्म सफल है। इन दिनों कोई कॉमेडी फिल्म ढंग की देखने को मिलती नहीं है, तो ये फिल्म दर्शकों को हंसाने में तो सफल है ही।

विज्ञापन

फुकरे 3 - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म 'फुकरे 3' की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां पर 'फुकरे रिटर्न्स'  की कहानी खत्म हुई थी। फुकरे गिरोह ने जनता स्टोर खोला था, लेकिन वह स्टोर ठीक से नहीं चलता है। भोली पंजाबन गैंगस्टर से  राजनेता बन गई हैं और चुनाव लड़ रही हैं। जैसे कि आमतौर पर होता ही है, भोली पंजाबन के चुनाव का वित्तीय प्रबंधन एक माफिया करने को राजी होता है क्योंकि उसे इलेक्शन में इनवेस्टमेंट पर मोटा रिटर्न दिखाई देने लगता है। भोली पंजाबन को पंडित जी से सबसे ज्यादा आस है। वहीं, चुनाव अभियान के दौरान चूचा आम जनता के बीच लोकप्रिय बन जाता है। हनी, लाली और पंडित को लगता है कि अगर भोली पंजाबन चुनाव जीत गई तो वह अपनी सत्ता का दुरुपयोग कर सकती है। इसलिए भोली पंजाबन को हराने के लिए तीनों  चूचा को भी चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी करते हैं। लेकिन, पॉलिटिक्स आसान गेम नहीं है। इसके बाद जो होता है वहीं मामला असली ट्विस्ट एंड टर्न लेता है।

फुकरे 3 - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘फुकरे 3’ निर्देशक मृगदीप सिंह लांबा ने फिल्म को अच्छी तरह से पेश करने की कोशिश की है। मृगदीप की फिल्म शैली में जो बात सबसे महीन है वह है उनका हास्य दृश्य का पंच लाने से पहले उसका खाका तैयार करके उसे पूरी तरह सजाना। कॉमेडी यहां बिल्डअप के साथ आती है और इसीलिए असर भी करती है। डेविड धवन मार्का कॉमेडी पर ऋषिकेश मुखर्जी मार्का कॉमेडी का खोल चढ़ाने का स्टाइल ही लांबा ने बहुत चतुराई से थामा है। और, इसमें उन्हें भरपूर मदद मिलती है विपुल विग की लिखाई से। दोनों मिलकर पिछली कड़ी में हालांकि थोड़ा पटरी से उतरते दिखाई दिए थे, लेकिन फ्रेंचाइजी की तीसरी कड़ी फिर से पटरी पर सेट है। छोटी लाइन की तरफ न गई तो ये फ्रेंचाइजी आगे भी मस्त दौड़ लगा सकती है।

फुकरे 3 - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘फुकरे 3’ पूरी तरह से पंडित और चूचा की कहानी है। पंडित की भूमिका में पंकज त्रिपाठी ने अपने सहज अभिनय से काफी प्रभावित किया है। वह अंग्रेजी की पंच लाइन इतनी सहजता से बोलते है कि सुनकर हंसी आ ही जाती है। और, इस दौरान उनके चेहरे के जो भाव हैं, वही असल अभिनय है। पंकज त्रिपाठी ने अपनी पिछली फिल्म ‘ओएमजी 2’ में जो असर छोड़ा था, फिल्म ‘फुकरे 3’ उसी का जमना पार तक का एक्सटेंशन है। चूचा की भूमिका मे वरुण शर्मा ने भी पंकज त्रिपाठी को बराबर की टक्कर दी है। किसी हास्य कलाकार पर किसी हिंदी फिल्म का इस तरह से आश्रित होना बहुत कम देखने को मिलता है। चूचा की ये परफॉरमेंस जॉनी वॉकर, महमूद जैसे सितारों की याद दिलाती है। ये वे कलाकार हैं जिनके नाम पर फिल्में बिका करती थीं। वरुण शर्मा को अगर अच्छी कहानियां और अच्छे निर्देशक मिलते रहे, तो वह इस पोजीशन के पास तक तो पहुंच ही सकते हैं।

फुकरे 3 - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म के बाकी कलाकारों की फ्रेंचाइजी से अगर किसी तरह धीरे धीरे विदाई करके नए कलाकारों को इसमें शामिल किया जाए तो इसकी ताजगी बरकरार रह सकती है। भोली पंजाबन का किरदार अब बोर करने लगा है। हालांकि, लगती वह अब भी इस किरदार में आकर्षक हैं लेकिन कथा विस्तार में उनका चरित्र स्वाभाविक रुप से आगे बढ़ता नहीं दिखता है। पुलकित सम्राट भी फ्रेंचाइजी की एक और कमजोर कड़ी हैं। मुख्यधारा के सिनेमा से करीब करीब बाहर हो चुके पुलकित के किरदार की अपनी कमजोरियां भी हैं और उनके अभिनय में भी अब वह रस नहीं दिखता। हां, लाली की भूमिका में मनजोत सिंह का काम सराहनीय हैं।
विज्ञापन

फुकरे 3 - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इस बार एक कमजोर कड़ी फिल्म ‘फुकरे 3’ की और है और वह है इस फिल्म का संगीत। किसी फ्रेंचाइजी को दर्शकों के साथ साथ आगे बढ़ते रहने देने के लिए इसके संगीत का हॉन्टिंग होना बहुत जरूरी है। लेकिन, 'फुकरे' और 'फुकरे रिटर्न्स' जैसा गीत संगीत इस फिल्म में सुनने को नहीं मिला। सिवाय 'रब्बा' के गाने के और कोई ऐसा गीत नहीं जो दर्शकों पर अपना असर छोड़े। हां, अभिषेक नैलवाल का बैकग्राउंड स्कोर अच्छा हैं। अमलेंदु चौधरी का कैमरा सच्चा है। मनन अश्विन मेहता का संकलन थोड़ा कच्चा है। लेकिन, कुल मिलाकर फिल्म ‘फुकरे 3’ कॉमेडी का इस सीजन का नया बच्चा है जिसकी ठिठोली आपको हंसने पर मजबूर कर ही देगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें