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द अमेजिंग स्पाइडरमैन

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'द अमेजिंग स्पाइडरमैन' की अगर कोई खूबी है तो यह कि यहां एक सुपर हीरो को आम इंसान की तरह देखने की कोशिश की गई है। मगर भावनाओं को उभारने की कोशिश में फिल्म कुछ ज्यादा स्लो हो गई है। दूसरे हिस्से में जाकर तो फिल्म ठहर सी जाती है। दूसरी बड़ी कमी है कि इस सुपर हीरो के पास चुनौतियां कम हैं। चाहे वो भावनात्मक चुनौतियां हों या फिर बाहरी दुनिया की।
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कहानी
फिल्म स्पाइडरमैन फ्रैंचाइज की प्रिक्वेल की तरह सामने आती है। यहां फिल्म आरंभ होते ही हम पीटर पार्कर का बचपन देखते हैं। जब वह अपने माता-पिता से बिछड़ रहा है। बाद की कहानी बिल्कुल वैसी ही है- जैसा कि हम सभी जानते हैं। एक सीधा-सादा लड़का पार्कर- जिसकी जिंदगी में बिल्कुल वैसी दिक्कतें हैं- जैसी किसी की लाइफ में हो सकती हैं।

एक रेडियो एक्टिव मकड़ी के काटने से आए शारीरिक परिवर्तन उसे बदलने लगते हैं। निर्देशक ने डीएनए टेक्नोलॉजी के सहारे इस पूरी सिचुएशन को लॉजिकल और साइंटिफिक बनाने की कोशिश की है। जिसकी जरूरत नहीं थी और इसमें काफी वक्त निकल जाता है। थोड़ी देर भावनाओं में गोते लगाने के बाद कहानी एक्शन का ट्रैक पकड़ती है ओर खत्म होते-होते फिर से इमोशनल हो जाती है।
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अभिनय
फिल्म में गारफील्ड और एमा के बीच की केमिस्ट्री को देखना दिलचस्प हो सकता था- क्योंकि वास्तविक जिंदगी में भी वे दोनों एक दूसरे को प्यार करते हैं, मगर यह हिस्सा भी खास दिलचस्पी नहीं जगा पाता। इस फ्रैंचाइज की पिछली फिल्मों में जो रोमांस या नोक-झोंक देखने को मिली थी, यहां वैसा कुछ मजा नहीं मिलता है। एमा शुरु में तो जरा भी प्रभावित नहीं करती, बाद में उसके हिस्से में कुछ दृश्य आए हैं जहां वह थोड़ा प्रभावित करती है।

जहां तक गारफील्ड का सवाल है वो पिछले स्पाइरमैन टोबी मैग्वायर से बेहतर नहीं ठहरते। उन्होंने थोड़ा कॉमेडी का टच देने और आम किरदार की शक्ल में पेश करने पर जोर दिया गया है मगर बात बन नहीं पाती। इरफान के हिस्से में तीन-चार दृश्य आए हैं मगर वो पहले ही दृश्य में अपनी आंखों और चेहरे के एक्सप्रेशन से प्रभावित करते हैं। फिल्म के खलनायक इफांस जरा भी प्रभावित नहीं करते। अगर कोई प्रभावित करता है एमा के पिता के रोल में डेनिस लैरी- जो एक जिम्मेदार और कठोर पुलिस ऑफिसर बने हैं।

स्पेशल इफेक्ट्स
पिछली सिरीज में स्पाइडरमैन की उछलकूद जी भर कर देखने वालों को इस बार कोई नया अनुभव नहीं मिलने वाला। हां, इस बार यह सब कुछ थ्री-डी में होने के कारण थोड़ा रोमांचक है। दिक्कत यह है कि निर्देशक मार्क वेब इसे रोमांचक बनाने की बजाय इमोशनल बनाना चाहते हैं- और यहीं पर मामला बिगड़ जाता है।

फिल्म में एक्शन कम है और जो है भी उसमें कोई नयापन नहीं है। लिहाजा एक्शन पसंद करने वाली यंग जेनेरेशन को फिल्म देखकर निराशा होगी। लड़कियां इमोशन के दम पर स्पाइडरमैन को पसंद कर पाएंगी इसमें शक है।

क्यों देखें
इस हफ्ते कोई दूसरी दमदार फिल्म रिलीज नहीं हुई है, तो अगर बच्चों या फैमिली के साथ वीकएंड पर टाइमपास करना है तो यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
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क्यों न देखें
अगर स्पाइडरमैन सिरीज की इस फिल्म से आपने बहुत ज्यादा उम्मीदें लगा रखी हैं या कुछ नया देखने जा रहे हैं।

निर्देशक: मार्क वेब
कहानी: जेम्स वैंडरबिल्ट
सितारे: एंड्रयू गारफील्ड, एम्मा स्टोन, रिज़ इफांस, सैली फील्ड, इरफान खान
संगीत: जेम्स हार्नर
छायांकन: जॉन श्वार्टज्मॉन
रेटिंग: ***
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