-निर्माताः अश्विनी यर्दी
-निर्देशकः प्रभुदेवा
-सितारेः अक्षय कुमार, एमी जैक्सन, केके मेनन, लारा दत्ता, योगराज सिंह, रति अग्निहोत्री
रेटिंग *1/2
आलसी, नाकाबिक और निकम्मे बेटों को काबिल, समझदार और पैरों पर खड़ा करने के लिए शादी का फार्मूला सदियों से भारतीय समाज में इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह मान कर चला जाता है कि शादी हो जाएगी तो बेटा समझदार/जिम्मेदार बन जाएगा।
रफ्तार सिंह (अक्षय कुमार) का पिता (योगराज सिंह) बेटे को पैरों पर खड़ा करने के लिए उसके सामने विकल्प रखता है कि या तो उनके दोस्त के पास गोवा जाकर काम-धाम करे या फिर गांव की मोटी लड़की स्वीटी के साथ शादी कर ले। रफ्तार का कहना है कि कि स्वीटी कुश्ती लड़ने की चीज है, शादी करने की नहीं।
आपको आश्चर्य होगा कि फिल्म की रिलीज से पहले अक्षय और उनकी टीम जोर-शोर से प्रचार कर रही थी कि सिंह इज ब्लिंग लोगों को महिलाओं का सम्मान करना और महिलाओं को सशक्त बनाने के पाठ पढ़ाएगी!