निर्माताः फैंटम फिल्म्स
निर्देशकः अनुराग कश्यप
सितारेः नवाजुद्दीन सिद्दिकी, विक्की कौशल, सोभिता धूलिपाला, अमृता सुभाष
रेटिंग ****
आजकल यह कहने का फैशन है कि कुछ भी सिर्फ ब्लैक एंड व्हाइट नहीं होता। सब कुछ इनका मिश्रण ग्रे यानी धूसर है। असल में यह कहना सुविधाजनक है। ऐसा कहते हुए आप धुंधले घेरे में होते हैं, जहां कोई आपके बारे-बारे में मुकम्मल राय नहीं बना सकता। लेकिन निर्देशक अनुराग कश्यप की फिल्म रमन राघव 2.0 के दोनों मुख्य पात्र इससे जुदा हैं। आप शुरू से अंत तक उन्हें पारदर्शी ढंग से देख सकते हैं, वह भी तब जब उनके किरदारों से लेकर परिस्थितियों तक में अंधकार भरा है।
यह ऐसा डार्क सिनेमा है जिसमें रोशनी की किरण नहीं है। इंसानियत के मीटर की सुई शून्य पर अटकी है और रिश्ते रसातल की अनंत गहराई में डूब रहे हैं। यहां खून की खुशबू है जो अगर आपको पसंद हो तो बइंतहा आनंद देती है। विश्वास कीजिए कि अगर आपका मन दुविधाग्रस्त नहीं है तो हत्या भी बलि और वध की तरह पवित्र है। अनुराग इस फिल्म में अपने सहज अंदाज-ए-बयां के साथ एक सिक्के दो पहलुओं की कहानी कहते हैं।
यहां रमन में रावण की ध्वनि है और हर युग की तरह समाज को उससे बचाने की कोशिश में लगा दुविधाग्रस्त राघव भी है। अनुराग ने 1960 के दशक में मुंबई के सीरियल किलर रमन राघव से प्रेरित होकर अपनी कहानी रची है। जिसमें रमन (नवाजुद्दीन सिद्दिकी) और राघव (विक्की कौशल) अलग-अलग शख्स हैं। रमन एक के बाद एक हत्याएं कर रहा है, वहीं राघव पुलिस अधिकारी है जो हत्यारे को पकड़ना चाहता है। लेकिन यह राघव आदर्श का पुतला नहीं है। ड्रग्स और औरतें उसकी जिंदगी का हिस्सा हैं। इस तरह से यह फिल्म मूल रमन राघव का नया मॉडल (2.0) है।