निर्माताः फुरकान खान-प्रदीप शर्मा
निर्देशकः जैस्मीन मोजेज-डिसूजा
सितारेः सनी लियोनी, तनुज विरवानी, नायरा बनर्जी
रेटिंग *1/2
इस फिल्म के नाम में कहानी छुपी है। वन नाइट स्टैंड। किसी के साथ एक रात गुजारना। फिल्म का हीरो इवेंट मैनेजर है। हैंडसम है। लड़िकयों को आकर्षित करने का हर गुर उसे पता है। एक इवेंट में उसे हीरोइन दिखती है और देखते-देखते उसकी बांहों में चली आती है। कहानी बढ़ने के साथ पता चलता है कि हीरो शादीशुदा है और हीरोइन भी...!
निर्देशक जैस्मीन मोजेज-डिसूजा की यह पहली फिल्म है। जिसे उन्होंने कामुक-थ्रिलर के रूप में पेश किया है। लेकिन फिल्म दोनों मापदंडों पर निराश करती है। दृश्य ऐसे नहीं हैं कि दर्शक सीट से न हिलें और रोमांच पूरी तरह से गायब है।वन नाइट स्टैंड के हीरो तनुज विरवानी सीनियर अभिनेत्री रति अग्निहोत्री के बेटे हैं। फिल्म का मुख्य भार उन्हीं के कंधों पर है, मगर वह किसी भी सीन में इतने मजबूत नहीं दिखते कि उन पर विश्वास हो सके।
29 बरस के तनुज और 34 बरस की सनी की उम्र का फर्क परदे पर साफ दिखता है। एक रात के संबंध में युवती के प्यार में दीवाने होने वाले हीरो की कहानी इसलिए नहीं बांधती क्योंकि निर्देशक के पास कहने को कुछ रोचक नहीं था। घूम-फिर कर दृश्य हीरो के घर-दफ्तर में तनाव में रहने, उस रात वाली युवती के बारे में सोचने और शराब पीने का ही रचा गया है। सनी जरूर पत्नी तथा एक बच्चे की मां के रूप में अपनी अन्य फिल्मों अलग दिखी हैं लेकिन इस हिस्से वह इतनी निष्क्रिय हैं कि उनकी मौजदूगी का पता ही नहीं चलता। कहानी के केंद्र से वह लापता हो जाती हैं।