निर्माताः साजिद नाडियाडवाला
निर्देशकः साजिद-फरहाद
सितारेः अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, बोमन ईरानी, जैकी श्रॉफ, जैकलीन फर्नांडिस, लीजा हेडन, नर्गिस फाखरी, चंकी पांडे
रेटिंग *
शारीरिक विकलांगता से ज्यादा घातक सोच की विकलांगता होती है। आश्चर्य कि हाल के वर्षों में देशभक्ति का सिनेमा करके प्रशंसा बटोरने वाले अक्षय कुमार हाउसफुल 3 में काम करते हुए यह बात भूल गए। रितेश देशमुख को याद नहीं रहा कि उनके पिता राजनेता थे और वर्षों तक सामाजिक कल्याण के कामों से जुड़े रहे। अभिषेक बच्चन की मां सांसद हैं और पिता पोलियो, टीबी, हेपेडाइटिस बी और तमाम बीमारियों/विकलांगता के विरुद्ध समाज को जागृत करते रहे हैं।
अपनी मानसिक विकलांगता से कैसे तथाकथित मनोरंजन रचा जा सकता है, यह आप लेखक-निर्देशक साजिद-फरहाद और निर्माता साजिद नाडियाडवाला की फिल्म हाउसफुल 3 में देख सकते हैं। खरबपति पिता की तीन लड़कियों को पाने के लिए फिल्म के तीन हीरो खुद को विकलांग बताते हुए उसके सामने पहुंच जाते हैं। एक चल नहीं सकता, दूसरा देख नहीं सकता और तीसरा बोल नहीं सकता। किसी की शारीरिक कमजोरी दूसरों के लिए हंसी का मसाला कैसे बनती है यह हाउसफुल 3 दिखाती है।
हर फिल्म से सामाजिक सरोकार की उम्मीद करना सही नहीं है, परंतु सिनेमा फूहड़ता के कीचड़ में कैसे गिरता है, वह इस फिल्म से पता चलता है। अगर आप किसी की शारीरिक कमजोरियों पर हंस सकते हैं तो यह फिल्म आपके लिए है।