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Elemental Review: पिक्सार ने खो दिया बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का मौका, पंचतत्व का यह अहम पहलू मिसिंग

Fri, 23 Jun 2023 09:40 AM IST
पलक शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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एलिमेंटल रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Movie Review
एलिमेंटल
कलाकार
लिआ लुईस , मामौदौ एथी , रोनी डेल कारमेन , शीला ओम्मी , वेंडी मैकलेंडन-कोवे और कैथरीन ओ'हारा
लेखक
पीटर सोहन , जॉन होबर्ग , कैट लिक्केल और ब्रेंडासुएह
निर्देशक
पीटर सोहन
निर्माता
डेनिस रीम
रिलीज डेट
23 जून 2023
रेटिंग
2/5

फिल्म 'एलिमेंटल' अमेरिकी कंप्यूटर एनिमेटेड रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्माण वॉल्ट डिजनी पिक्चर्स और पिक्सर एनिमेशन स्टूडियो ने किया है। यह फिल्म पिक्सर एनिमेशन स्टूडियो की 27वीं फीचर फिल्म है। यह फिल्म प्रकृति के मानवरूपी तत्वों से आबाद दुनिया में स्थापित अग्नि तत्व और  जल तत्व के बारे में है। 'द गुड डायनासोर' के बाद निर्देशक पीटर सोहन ने इस फिल्म पर काम करना शुरू किया। यह फिल्म एक पूरी तरह से एक काल्पनिक दुनिया पर जिसमे अग्नि, जल, भूमि, वायु के तत्वों के बीच सामंजस्य दिखाया गया है। जिसमे से एक बात पर खास तौर पर प्रकाश डाला गया है कि अग्नि और जल एक दूसरे के विपरीत तत्व हैं फिर भी दोनों के बीच तालमेल कैसे हो सकता है? 

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एलिमेंटल रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म 'एलिमेंटल' की कहानी एम्बर (लिआ लुईस) के जन्म के बाद उसके मां सिंडर लुमेन (शिला ओमी) पिता अग्नि तत्व बर्नी (रॉनी डेल कारमेन) के एलिमेंट सिटी में प्रवास करने के बाद बड़ी होने की है। उसके पिता द फायर प्लेस नाम से एक स्टोर चलाते हैं। परिपक्व होने के बाद एम्बर खुद अपने पिता का स्टोर संभालना चाहती है। एम्बर अपने गुस्से पर नियंत्रण नहीं रख पाती। उसका उबाऊ जीवन खुशियों से तब भर जाता है, जब उसकी मुलाकात  जल तत्व से बने लड़के वेड (ममौदौ एथी) से होती है। एम्बर को उसकी काबिलियत दिखाने के लिए वेड उसे शहर ले जाता है, जबकि उसे यह भी एहसास होता है कि उसे अपने जीवन से क्या लेना-देना है। थोड़ी सी मौज-मस्ती के बाद दोनों में प्यार हो जाता है। व्यावहारिक रूप से अगर देखा जाए तो अग्नि और पानी का साथ संभव नहीं है। पानी आग को बुझा सकती है और आग पानी को भाप में बदलकर उड़ा सकती हैं। लेकिन दोनो एक ऐसा मौलिक रसायन ढूंढ लेते हैं कि जो दोनों विपरीत तत्वों को एक दूसरे को खत्म करने से रोकता है।

एलिमेंटल रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म 'एलिमेंटल' प्यार और परिवार की एक दिल छू लेने वाली और मजेदार कहानी है। एम्बर और वेड के बीच प्रेम  डिज्नी पात्रों के बीच की किसी भी केमिस्ट्री से कहीं अधिक है और उनका रोमांटिक संबंध पिक्सर के अब तक के सभी पात्रों में सबसे मजबूत लगता है। यह फिल्म  तीन प्रमुख विषयों पर आधारित है,  जिनमें रोमांटिक प्रेम, पारिवारिक दबाव और आप्रवासन और दूसरों की स्वीकृति शामिल है। जैसे ही एम्बर और वेड एक साथ समय बिताते हैं, उनका विपरीत व्यक्तित्व और दृष्टिकोण एक परिवर्तनकारी यात्रा पर लेकर जाता है। जहां आपसी समझ, स्वीकृति और एकता के महत्व पर जोर देते हुए संस्कृतियों के टकराने पर आने वाली चुनौतियों का गहराई से विश्लेषण करते हैं। यह फिल्म भले ही एनिमेटेड फिल्म है,लेकिन यह फिल्म कहीं न कहीं दर्शकों को सांस्कृतिक एकीकरण की गतिशीलता और समाज में सकारात्मक बदलाव की क्षमता पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।

एलिमेंटल रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बावजूद इससे डिज्नी की फिल्में देखने वाले दर्शकों को यह फिल्म थोड़ी सी निराश करती है। फिल्म का आधार पृथ्वी, अग्नि, जल और वायु को बनाया गया है।  देखा जाए तो पूरी सृष्टि का निर्माण ही पांच तत्व से मिलकर हुआ है। अगर इसमें आकाश तत्व को भी मिला दिया गया होता तो एक अच्छी कहानी बन सकती थी। यह फिल्म एक पूर्वानुमानित प्रकृति के साथ अद्वितीय और आकर्षक कहानी कहने के बजाय एक फार्मूलाबध्य फिल्म लगती है। फिल्म की कहानी को पीटर सोहन,जॉन होबर्ग,कैट लिक्केल,ब्रेंडासुएह ने मिलकर लिखी, लेकिन फिल्म की कहानी को प्रभावशाली नहीं बना पाए। कई जगह फिल्म बोझिल लगती है और पटकथा में भी कमियां है। फिल्म के ज्यादातर मूर्ख पूर्ण संवाद फिल्म की कथानक को कमजोर बनाते हैं।
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एलिमेंटल रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बच्चो को ध्यान में रखकर अगर फिल्में बनाई जाए तो इस बात का जरूर ख्याल रखना चाहिए कि आज के बच्चे अब बच्चे नहीं रहे। मनोरंजन के साथ- साथ वह तर्क ढूंढते हैं कि अगर कोई बात कही गई है तो उसके पीछे औचित्य क्या रहा होगा? हालांकि यह फिल्म अपने माता -पिता के समर्पण और बलिदान की बात करती हैं, लेकिन ऐसे दृश्यों को और भी भावनात्मक तरीके से कहने की जरूरत थी। बावजूद इसके लिआ लुईस,मामौदौ एथी,रोनी डेल कारमेन,शीला ओम्मी,वेंडी मैकलेंडन-कोवे,कैथरीन ओ'हारा के बोले गए संवाद किरदार के हिसाब से ठीक ठाक है। अगर इनके बोले गए संवाद पर थोड़ी सी और मेहनत की गई होती तो फिल्म अपनी मजबूत पकड़ बनाने में और सफल हो सकती थी।
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