कलाकार : दिव्येंदु शर्मा, श्वेता बासु प्रसाद, शीतल ठाकुर आदि
निर्देशक : बिष्णु देव हलदर
निर्माता : रिलायंस एंटरटेनमेंट
प्लेटफॉर्म : जी5
रेटिंग: ***1/2
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्मों और वेब सीरीजों की भीड़ में एक और फिल्म 'शुक्राणु' के निर्माताओं ने इसका ट्रेलर जारी किया है। रिलायंस एंटरटेनमेंट के निर्माण में बनी इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बिष्णु देव हलदर ने निर्देशित किया है। 'शुक्राणु' 1976 में भारत में आपातकालीन शासन के दौरान व्यक्तियों को नसबंदी के लिए मजबूर किए जाने की कहानी है। उस समय नसबंदी करवाना लोगों के लिए पसंद नहीं बल्कि आदेश था।
यह फिल्म सच्ची घटना से प्रेरित है, जिसमें दिव्येंदु शर्मा, श्वेता बासु प्रसाद और शीतल ठाकुर मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म के ट्रेलर में दिखता है कि इंदर (दिव्येंदु शर्मा) एक साधारण इंसान है, जिसकी भारत में लागू हुए आपातकाल के दौरान सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर जबरन नसबंदी करवा दी जाती है। इस घटना के बाद वह सबसे मुंह छिपाए फिरता है, और किसी से कुछ नहीं बोल पाता। इस घटना के बाद इंदर की बिना सहमति के उसके घरवाले उसकी शादी करवा देते हैं, लेकिन वह अपनी पत्नी (श्वेता बासु प्रसाद) को कभी हाथ भी नहीं लगा पाता, और एक दिन उसकी पत्नी गर्भवती हो जाती है। तब फिल्म में आगे क्या होता है और कैसे इंदर अपनी सच्चाई समाज को बताता है? यह तो फिल्म देखने पर ही पता चलेगा।
हम बात करें अगर फिल्म की कहानी की, तो ये कहानी अपने आप में खुद को अनदेखा और अनसुना साबित करती है। ट्रेलर के कुछ दृश्य आयुष्मान की फिल्म 'शुभ मंगल सावधान' की याद दिलाते हैं, जिसमें आयुष्मान को भी यौन जनित बीमारी का सामना करते हुए देखा गया था। ये शायद इस पीरियड कॉमेडी ड्रामा फिल्म के निर्देशक बिष्णु देव हलदर की कमी दिखती है जिन्होंने अपने अनुभव को परदे पर नवीनता से दर्शाने की कोशिश तो की है, लेकिन शायद दूसरों की कामयाबी के अनुयायी बन बैठे और कुछ दृश्यों को उन्हीं की कामयाबी से उधार ले लिया।
दिव्येंदु अपने सरीखे कमाल के अभिनेता हैं, जो ट्रेलर में अपने अभिनय और हाव-भाव से ध्यान खींचते नजर आते हैं। हाल ही में उन्हें अमेजन प्राइम वीडियो की सबसे सफल वेब सीरीज 'मिर्जापुर' में मुन्ना भैया के किरदार में देखा गया था, जिसको दर्शकों ने बहुत पसंद किया था। इसके अलावा फिल्म में उनकी पत्नी के रूप में श्वेता भी 70 के दशक की प्रभावशाली महिला लगती हैं, और अपने हिस्से का काम भली भांति करती नजर आती हैं।