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Pill Hai Ke Manta Nahi Review: हॉटस्टार का ग्राहकों के साथ एक और मजाक, रिलीज की आर्य बब्बर की बोरिंग फिल्म

Sun, 05 Feb 2023 12:43 PM IST
ज्योति राघव अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

शॉर्ट फिल्म 'पिल है कि मानता नही' के हीरो आर्य बब्बर हैं। लेखन और निर्देशन भी उन्हीं का है। निर्माता उनकी पत्नी जैस्मीन बब्बर हैं। 
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Pill Hai Ke Manta Nahi - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
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Movie Review
पिल है कि मानता नही
कलाकार
आर्य बब्बर , शारिब हाशमी , चेष्टा भगत , नैंसी ठक्कर , रसिका प्रधान और गोपी भल्ला
लेखक
आर्य बब्बर
निर्देशक
आर्य बब्बर
निर्माता
जैस्मीन बब्बर और रमेश परमार
ओटीटी
डिज्नी प्लस हॉटस्टार
रिलीज डेट
28 जनवरी 2023
रेटिंग
1/5

विस्तार
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निर्माता निर्देशक महेश भट्ट ने आमिर खान और पूजा भट्ट को लेकर 1991 में फिल्म बनाई थी 'दिल है कि मानता नहीं', इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के नाम से मिलती जुलती शॉर्ट फिल्म 'पिल है कि मानता नही' डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज हुई है। डिज्नी प्लस हॉटस्टार की भारतीय टीम जिस तरीके का कॉन्टेंट भारतीय भाषाओं के दर्शकों को परोस रही है, उससे इसके ग्राहक इन दिनों काफी निराश हैं। हिंदी की ओरिजिनल फिल्में रिलीज करने का हॉटस्टार का कोरोना संक्रमण काल का आइडिया ‘फर्स्ट डे फर्स्ट शो’ पहले ही फ्लॉप हो चुका है। और, जिस तरह से इस ओटीटी पर सीरीज के मामले में भी रीमेक की लाइन लगी रहती है, उसने भी डिज्नी की भारत में ब्रांडिंग खराब करने में बड़ी भूमिका निभाई है।

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Pill Hai Ke Manta Nahi - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
ताजा मामला इस ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्म 'पिल है कि मानता नही' का है। बेसिर पैर की कहानी और दोयम दर्जे के अभिनय का जो नतीजा सामने है, उसे देखकर इस ओटीटी की कॉन्टेंट सेलेक्शन टीम पर सिर्फ तरस ही खाया जा सकता है। शॉर्ट फिल्म 'पिल है कि मानता नही' के हीरो आर्य बब्बर हैं। लेखन और निर्देशन भी उन्हीं का। निर्माता उनकी पत्नी जैस्मीन बब्बर हैं। हर्र लगे न फिटकरी, रंग भी आए चोखा जैसी सोच के साथ बनी इस फिल्म से आर्य बब्बर ने अपने लिए मनोरंजन जगत में एक नया पेशा तलाशने की कोशिश की है। लेकिन अभिनय की तरह यहां भी उनका अपने पेशे के प्रति सौ फीसदी समर्पण दिखता नहीं है। किरदार भी अपने लिए उन्होंने ऐसा चुना है कि दर्शक को न तो उन पर तरह आता है और न ही उनसे हमदर्दी ही हो पाती है।

Pill Hai Ke Manta Nahi - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म 'पिल है की मानता नही' में आर्य बब्बर ने मानव का किरदार निभाया है। शादीशुदा हैं लेकिन एक प्रेमिका भी है। असुरक्षित यौन संबंध बन जाते हैं तो वह अपनी दोस्त पर गर्भनिरोधक गोली लेने का दबाव बनाता है। उधऱ, बीवी को बच्चा होने वाला है और वह अस्पताल पहुंच चुकी है। कहानी में ट्विस्ट यहां ये है कि प्रसव पीड़ा के दौरान मानव को उसकी पत्नी बताती है कि वह बच्चा उसका नहीं है बल्कि किसी और का है।

Pill Hai Ke Manta Nahi - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
किसी महिला के लिए मां बनना कुदरत का सबसे खूबसूरत तोहफा होता है। लेकिन, विवाह के बाद तमाम ऐसे मामले सामने आते हैं जहां पत्नी को मां बनने में दिक्कतें आती हैं और ये दिक्कतें उसकी तरफ से नहीं बल्कि पति की तरफ से हैं। फिर वह क्या करे? क्या मां बनने के लिए वह भी किसी से अफेयर कर ले या फिर कि अपने पति के बारे में पता चलने के बाद उससे तलाक ले ले? और क्या हो कि इन सारे सवालों के सामने आने से पहले ही पत्नी वह सब कुछ कर चुकी हो, जिसे लेकर पति को अब अपराध बोध हो रहा है! कहानी का विचार ठीक है। लेकिन, इसे पेश करने का तरीका आर्य बब्बर का ठीक नहीं है।
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Pill Hai Ke Manta Nahi - फोटो : सोशल मीडिया
सामाजिक रूप से बहुत ही प्रभावशाली एक विषय को आर्य बब्बर ने पहले बतौर निर्देशक और फिर बतौर अभिनेता जिस तरह से पेश किया है, वह बहुत ही बचकाना है। ये कहानी अगर किसी काबिल पटकथा लेखक ने लिखी होती तो 90 मिनट की एक बहुत ही दमदार फिल्म हो सकती थी, सोशल ड्रामा भी इस पर लिखा जा सकता है और एक सस्पेंस फिल्म भी। आर्य बब्बर ने फिल्म के माध्यम से एक सवाल ये भी उठाने की कोशिश की है कि गर्भ में पल रहे जीवन को जन्मने से पहले ही मारने की कोशिश क्या वाकई करनी चाहिए? और, गर्भपात का हक किसे होने चाहिए, पुरुष को या महिला को? लेकिन ये बात उन्होंने परदे पर बहुत ही हास्यास्पद तरीके से पेश की है।
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