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The Last Chapter Review: के के मेनन की इस शॉर्ट फिल्म में रिश्तों का कत्ल, बेटी ने लिया मां का बदला

Sun, 15 Sep 2019 07:45 PM IST
anand anand मुंबई डेस्क, अमर उजाला
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The Last Chapter - फोटो : amar ujala mumbai
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डिजिटल रिव्यू: द लास्ट चैप्टर (शॉर्ट फिल्म)
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कलाकार: के के मेनन, मिष्ठी चक्रवर्ती
लेखक-निर्देशक: राज सिंह चौधरी
निर्माता: राजेश देवड़ा
यूट्यूब चैनल: लार्जशॉर्ट फिल्म्स
रेटिंग: **1/2


के के मेनन ने अपने लगातार बिखरे, अधूरे और जिंदगी के अलग मायने समझने समझाने की कोशिश करते किरदारों से हिंदी सिनेमा में एक ऐसी पहचान बनाई है कि उनका नाम एक अलग कंटेंट का ब्रांड बन चुका है। के के मेनन काबिल कलाकार हैं। इरफान और नवाजुद्दीन जहां पहुंचे, उसके आगे के कलाकार हैं। उनकी अदाकारी का दम एक बार फिर दिखा यूट्यूब पर रिलीज की गई शॉर्ट फिल्म द लास्ट चैप्टर में।

द लास्ट चैप्टर कहानी है कि एक लेखक की जिसे कुछ ही दिनों में पद्मश्री मिलने वाला है। वह अपनी अगली किताब के हर चैप्टर का वीडियो ब्लॉग बना रहा है। फिल्म इस किताब के आखिरी अध्याय के किस्से से शुरू होती है। ये किताब है लेखक के चंद महिलाओं के साथ बिताए गए पलों के बारे में। उसका दावा है कि वह महिलाओं की मुक्ति का मसीहा है और आखिरी कहानी उसके चेहरे से नकाब नोच लेती है।
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ए जे कोलिन के उपन्यास जुडास ट्री पर गुलजार ने कभी मौसम बनाई थी। शिवाजी गणेशन को लेकर ऐसी ही एक कहानी तमिल में भी बन चुकी है। अब बारी के के मेनन की है। शॉर्ट फिल्म द लास्ट चैप्टर किसी रेडियो नाटक की तरह है। हवा महल जैसा। दो किरदार आमने सामने। एक दूसरे को समझने की कोशिश करते और फिर अंत वैसा जैसा सोचा न गया हो। एक बेटी जानबूझकर अपने पिता की हमबिस्तर होने आ जाती है सिर्फ बदले की भावना से।
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और, इस उद्देश्य तक पहुंचने से पहले उसका सामान्य दिखना ही अगर मिष्ठी की अभिनय क्षमता है तो उन्हें इस बारे  फिर से सोचना होगा। हिंदी उच्चारण भी उनका कमजोर है। राज सिंह चौधरी की 21 मिनट की ये फिल्म पटकथा के लिहाज से चुस्त है लेकिन ऑडियो विजुअल के लिहाज से थोड़ा बोझिल है।

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