इस बार नितेश तिवारी के लिए चुनौती थोड़ा और बडी इसलिए भी है कि उनके पास आमिर खान नहीं हैं। छिछोरे के हीरो हैं सुशांत सिंह राजपूत तो खुद अपना करियर पटरी पर वापस लाने के लिए कोशिशें कर रहे हैं। ट्रेलर के हिसाब से देखें तो छिछोरे में कुछ ऐसा नया नहीं है जो हिंदी सिनेमा के दर्शकों ने पहले देख न रखा हो। लोगों को इसमें कहीं जो जीता वही सिकंदर की झलक दिखेगी तो कहीं स्टूडेंट ऑफ द ईयर की। थ्री ईडियट्स के बाथरूम सीन के छौंके की भी इसमें झार आ रही है।
सुशांत सिंह राजपूत की छलकती जवानी, श्रद्धा कपूर सी मचलती मस्तानी और दीवानी जिंदगी के परदे हटाती वरुण शर्मा की कॉमेडी, फील्डिंग नितेश तिवारी ने बढ़िया जमाई है। अतीत और वर्तमान के बीच घड़ी के पेंडुलम सी डोलती कहानी की सेटिंग भी ठीक लग रही है। पर ट्रेलर में वो रवानगी मिसिंग दिखती है, जिसकी नितेश तिवारी से दंगल जैसी फिल्म बनाने के बाद उम्मीद की जा रही थी। दोस्ती दिवस के दिन रिलीज हुए छिछोरे के ट्रेलर को दोस्तों ने पसंद तो किया होगा पर ये दोस्त लाइन लगाकर फिल्म देखने जाएंगे कि नहीं, फिल्म की भाग्य रेखा इसी के सहारे गुरु पर्वत तक पहुंचेगी।
यहां देखें ट्रेलर