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Blind Movie Review: सोनम कपूर की सिनेमा में वापसी पर लगा ग्रहण, सुजॉय घोष ने न जाने किस बात का लिया ‘बदला’

Fri, 07 Jul 2023 08:12 AM IST
निधि पाल अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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ब्लाइंड मूवी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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Movie Review
ब्लाइंड
कलाकार
सोनम कपूर , पूरब कोहली , विनय पाठक और लिलेट दुबे आदि
लेखक
शोम मखीजा और सुदीप निगम
निर्देशक
शोम मखीजा
निर्माता
सुजॉय घोष , अविषेक घोष , ह्युनवू थॉमस किम , सचिन नाहर , पिंकेश नाहर , मनीष डब्ल्यू और ज्योति देशपांडे
रिलीज
7 जुलाई 2023
ओटीटी
जियो सिनेमा
रेटिंग
2/5

अभिनेत्री सोनम कपूर चार साल  के बाद क्राइम थ्रिलर फिल्म 'ब्लाइंड' के जरिए वापसी कर रही हैं। यह फिल्म साल 2011 में रिलीज कोरियन फिल्म 'ब्लाइंड' की हिंदी रीमेक है। सोनम कपूर पिछली बार निर्देशक अभिषेक शर्मा  की फिल्म 'जोया फैक्टर' में साउथ सिनेमा के स्टार दुलकर सलमान के साथ नजर आई थी जो साल 2019 में सिनेमाघरों रिलीज हुई थी। 'ब्लाइंड' सिनेमा घरों में रिलीज न होकर सीधे ओटीटी प्लेटफार्म जियो सिनेमा पर रिलीज हुई है।

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सोनम कपूर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म की 'ब्लाइंड' कहानी स्कॉटलैंड की रहने वाली एक पुलिस ऑफिसर जिया सिंह के इर्द गिर्द घूमती है। एक रात जिया सिंह अपने भाई को पब से अपने कार से घर ले जाने की कोशिश कर रही होती है और तभी दुर्घटना हो जाती है। जिया सिंह के आंखों की रोशनी चली जाती है। एक दृष्टिहीन लड़की के तौर पर वह अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को सहज बनाने की कोशिश करती है। इसी बीच शहर में कुछ लड़कियों के किडनैपिंग और मर्डर की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। एक रात जिया सिंह जब अपनी मां से मिलकर वापस आती है और रात में एक कैब में लिफ्ट लेती है, तो उसे अहसास होता है कि किडनैपिंग और मर्डर की घटनाएं के पीछे का आरोपी उसको लिफ्ट देने वाला ड्राइवर ही है।

सोनम कपूर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म 'ब्लाइंड' में जिया सिंह का किरदार सोनम कपूर ने निभाया है। यही किरदार कोरियन फिल्म में अभिनेत्री किम हा-नेउल ने निभाई थी। जिन लोगों कोरियन फिल्म 'ब्लाइंड' देखी होगी, वह इस फिल्म की पूरी कहानी को समझ सकते हैं। जिस तरह की कहानी और कोरियन फिल्म में घटती है, उसी तरह की कहानी और घटनाक्रम हूबहू इस फिल्म में दिखाए हैं। रीमेक फिल्में बनाते समय फिल्म के निर्देशक को इस बात का ख्याल जरूर रखना चाहिए कि फिल्म में कुछ ऐसी नई बात हो जो मूल फिल्म की कथानक और घटनाओं से थोड़ा सा अलग दिखे। लेकिन इस फिल्म में अलग दिखने की बात तो दूर,  मूल फिल्म तरह इस फिल्म में कहीं रोमांच नजर नहीं आता है। कहने को तो यह क्राइम थ्रिलर फिल्म है, लेकिन यह फिल्म जरा सा भी रोमांच नहीं पैदा कर पाती है।

सोनम कपूर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म ‘ब्लाइंड’ में किडनैपिंग और मर्डर के पीछे जिस शख्स का हाथ है वह एक मनोरोगी है। दिलचस्प बात तो यह है कि वह स्त्री रोग विशेषज्ञ है। किडनैप की हुई लड़कियों को वह बड़ी बेरहमी  से मारता है। इसके पीछे उसका मोटिव क्या है, यह बताने की कोशिश फिल्म में नहीं की गई । फिल्म की कहानी को डेवलप करते वक्त शोम मखीजा और सुदीप निगम शायद इस बात को भूल गए होंगे कि फिल्म की पृष्ठभूमि उन्होंने स्कॉटलैंड चुनी है। अगर इनसे चूक भी गई तो फिल्म के क्रिएटिव डायरेक्टर सुजॉय घोष से यह कैसे भूल हो गई जो फिल्म के निर्माता भी हैं और 'कहानी' और 'बदला' जैसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्में बना चुके हैं।

पूरब कोहली - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म की पटकथा निर्देशक शोम मखीजा ने खुद ही लिखी है। फिल्म की कहानी जैसे जैसे आगे बढ़ती हैं, इसका प्रवाह और किरदार दोनों सपाट होते चले जाते हैं। तनुप्रिया शर्मा की एडिटिंग थोड़ी और चुस्त हो सकती थी। गैरिक सरकार की सिनेमेटोग्राफी सामान्य है। फिल्म में अच्छे संगीत के नाम पर सिर्फ शोर है। ब्लाइंड पुलिस  ऑफिसर के किरदार में सोनम कपूर ने अपने किरदार को  संजीदगी से पेश किया है। कुछ एक्शन सीन भी उनके हिस्से में आए हैं, जिनपर वह खरी उतरी है। लेकिन किरदार की गहराई को थोड़ा सा और समझने की जरूरत थी, यह तभी संभव हो पाता जब स्क्रिप्ट की डिटेलिंग सही से हुई हो।
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विनय पाठक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पुलिस इंस्पेकर पृथ्वी खन्ना में किरदार में विनय पाठक ने अपने अंदाज से अच्छा प्रभाव छोड़ा है लेकिन उनके किरदार को अचानक खत्म कर दिया जाता है। मनोरोगी हत्यारे की भूमिका में पूरब कोहली शुरुआत में थोड़ा सरप्राइज पैकेज की तरह लगते हैं लेकिन बाद में उनका किरदार थोड़ा अधूरा अधूरा सा लगने लगता है। फिल्म ऐसे मोड़ पर आकर खत्म होती है जहां इसका उपसंहार अधूरा सा दिखता है।

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