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Bhai Tera Star Hai Review: राघव जुयाल की कॉमेडी ने दिया सिरदर्द, दो घंटे तक दर्शकों के धैर्य की हुई परीक्षा

सार

Movie Bhai Tera Star Hai Review: आज सिनेमाघरों में अभिनेता राघव जुयाल अभिनीत फिल्म ‘भाई तेरा स्टार है’ रिलीज हुई। यह फिल्म कैसी है? पढ़िए ‘भाई तेरा स्टार है’ का रिव्यू।  

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फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' का रिव्यू - फोटो : अमर उजाला
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Movie Review
भाई तेरा स्टार है
कलाकार
राघव जुयाल , संजय कपूर , निकी वालिया , निहारिका एनएम , बरखा सिंह , विवान भटेना , पार्वती ओमनाकुट्टन और विकल्प मेहता
लेखक
विवेक बी. अग्रवाल और सुदीप्तो सरकार
निर्देशक
विवेक बी. अग्रवाल
निर्माता
विवेक बी. अग्रवाल , अवंतिका हरि और सुनील रुपानी
रिलीज डेट
30 जुलाई 2026
रेटिंग
1/5

विस्तार
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कहते हैं कि झूठ के पांव नहीं होते हैं। 'भाई तेरा स्टार है' देखने के बाद लगता है कि झूठ के सहारे पूरी फिल्म भी नहीं बनती है। करीब दो घंटे तक फिल्म बार-बार भरोसा दिलाती है कि बस अब हंसी आएगी लेकिन हर बार दर्शकों के हिस्से में सिर्फ निराशा आती है। कॉमेडी के नाम पर इतना शोर है कि कुछ देर बाद लगता है, थिएटर नहीं किसी मोहल्ले के झगड़े में बैठ गए हैं। 

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फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' का रिव्यू - फोटो : सोशल मीडिया
कहानी
अजय (राघव जुयाल) लंदन बेस्ड स्ट्रगलिंग अभिनेता है, लेकिन फिलहाल उसका सबसे बड़ा रोल झूठ बोलने का है। बार ऑनर फैटी (संजय कपूर) से 10 हजार पाउंड उधार लेने के बाद वह पैसे जुटाने के लिए अपनी बहन के गर्भवती होने और गर्भपात की झूठी कहानी गढ़ देता है। उधर उसकी गर्लफ्रेंड रोशनी (निहारिका एनएम) भी अपने भाई से पैसे लेने के लिए खुद को गर्भवती बता देती है।
इसके बाद फिल्म झूठ गलतफहमियों और भागदौड़ के ऐसे गोल-गोल चक्कर में घूमता रहता है कि दर्शक सोचने लगते हैं कि कहानी आगे बढ़ रही है या बस टाइम पास हो रहा है? एक रात की कहानी इतनी लंबी खिंचती है कि सुबह होने का इंतजार किरदारों से ज्यादा दर्शकों को होने लगता है। 

फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' का रिव्यू - फोटो : सोशल मीडिया
एक्टिंग
'किल' में अपने अभिनय से चौंकाने वाले राघव जुयाल यहां शायद किसी और ही फिल्म की तैयारी करके आए थे। कई संवाद ऐसे हैं जो मुंह के अंदर ही दम तोड़ देते हैं । ओवरएक्टिंग इतनी है कि कॉमेडी के बजाय झुंझलाहट होने लगती है। कॉमिक टाइमिंग का हाल यह है कि पंचलाइन खत्म हो जाती है, लेकिन हंसी शुरू नहीं होती।
संजय कपूर पूरी ईमानदारी से फिल्म को बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट उन्हें भी डुबो देती है। निहारिका एनएम, विवान भटेना, निकी वालिया, बरखा सिंह, विकल्प मेहता और पार्वती ओमनाकुट्टन समेत पूरी सपोर्टिंग कास्ट अपना काम ईमानदारी से करती है लेकिन जब किरदार ही आधे-अधूरे लिखे गए हों तो कलाकार भी ज्यादा असर नहीं छोड़ पाते। फिल्म खत्म होने के बाद कोई भी किरदार याद नहीं रहता है।

फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' का रिव्यू - फोटो : सोशल मीडिया

निर्देशन
निर्देशक  विवेक बी. अग्रवाल शायद यह मानकर चले थे कि अगर कलाकार लगातार तेज आवाज में बोलेंगे, स्क्रीन पर कॉर्टून उछलेंगे और डायलॉग लिख-लिखकर दिखाए जाएंगे, तो दर्शक हंस ही पड़ेगा। अफसोस, ऐसा होता नहीं है। फिल्म में बार-बार आने वाले एनिमेटेड ग्राफिक्स और स्क्रीन पर लिखे संवाद ऐसे लगते हैं जैसे मेकर्स को खुद अपनी कॉमेडी पर भरोसा नहीं था। इसलिए हर मजाक के नीचे फुटनोट लगाने की कोशिश की गई। न स्क्रीनप्ले में कोई रिदम है, न सीन्स में कोई ठहराव। एक सीन खत्म होते ही दूसरा शुरू हो जाता है, लेकिन दोनों का आपस में रिश्ता ढूंढना दर्शकों की जिम्मेदारी बन जाती है।

फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' का रिव्यू - फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म में क्या अच्छा और बुरा?
सिर्फ इतना कि फिल्म कभी न कभी खत्म हो जाती है। उसके बाद सिरदर्द की दवा लेकर घर जाया जा सकता है। वहीं इस फिल्म में काफी कुछ खटकता है। कमजोर कहानी, बिखरा स्क्रीनप्ले, बेअसर कॉमेडी, लगातार शोर, अविश्वसनीय घटनाएं और ऐसा अभिनय, जिससे जुड़ना तो दूर, उसे सहना भी मुश्किल हो जाता है। 
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देखें या नहीं?
अगर आपको यह जानने की जिज्ञासा है कि एक कॉमेडी फिल्म बिना हंसाए कितनी देर तक चल सकती है तो टिकट खरीद सकते हैं। 'भाई तेरा स्टार है' फिल्म देखकर सिर्फ एक ही सवाल मन में आता है कि फिल्म खत्म होने के बाद स्टार कौन बना? यह तो नहीं पता लेकिन दर्शक जरूर बेवकूफ जैसा महसूस करते हैं।
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