अगर आपने सन 60 या 70 तक हाफपैंट पहनकर इकल्ले सिनेमा देखने जाना सीख लिया होगा तो ये ट्रेलर आपको बहुतै पसंद आएगा। और, अगर हाल फिलहाल में जवान हुए हैं तो फिर इसका नशा थोड़ा रुकके चढ़ेगा। लेफ्टी हीरो 70 के दशक में एक आया था, अमिताभ बच्चन। दीवार में जब कुर्सी से उठके सामने वाले की आंख में थोड़ी देर देखने के बाद डॉयलॉग बोलता था तो तालियां पड़ती थीं। ये दूसरा लेफ्टी है, नाम है आदित्य रावल। ट्रेलर के आखिरी सीन में जो इसने किया है तो कहना पड़ता है कि लड़का बम्फाड़ है। बड़ा होके अमिताभ बच्चन बनेगा।
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कबीर सिंह जिस पिक्चर की डुप्लीकेट है उसकी ओरीजनल यानी अर्जुन रेड्डी की जबलपुर वाली हीरोइन शालिनी पांडे भी हैं यहां। रणवीर सिंह को लगा था कि लड़की उनके साथ जयेशभाई ज़ोरदार में सलीमा में डेब्यू करेगी। लड़का यहां भी दांव दे गया। जिस हीरोइन को देखने के चक्कर में यूपी, बिहार और ना जाने कहां कहां के लड़कों ने तेलुगू वाली अर्जुन रेड्डी दसियों बार मोबाइल पर देख डाली, वो लड़की हिंदी में सीधे मोबाइल पर ही लैंड करने जा रही है। हीरोइन ये भी कम बम्फाड़ नहीं है।
और, ट्रेलर? जब फिल्म का नाम ही बम्फाड़ है तो ट्रेलर कइसे नहीं होगा। जैसे राम गोपाल वर्मा की फैक्ट्री से अनुराग कश्यप नाम का फैंटम बाहर निकला। वैसे ही लगता है अनुराग के आऱाम नगर वाले दफ्तर से ये फतेहपुरी चंदेल बाहर निकला है। एक एक लाइन बिल्कुल टिंच। मधुमक्खी का छत्ता तोड़ के कॉलेज में बवाल मचाने वाली इस ‘हानिकारक’ कहानी की रिलीज का काउंटडाउन शुरू हो गया है। गली बॉय विजय वर्मा का अंदाज भी कम हानिकारक नहीं है इस प्रेम कहानी में। और, प्रेम कहानी में होता क्या है, एक लड़का होता, एक लड़की होती है, लेकिन कहानी कइसे कही जाएगी, फिलिम इसी से बम्फाड़ बनती है। तो फिलहाल ये बम्फाड़ ट्रेलर देखिए, पिच्चर कल देखी जाएगी।