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Atlas Movie Review: एआई से भिड़ने को तैयार मादक, मोहक जेनिफर लोपेज, सिमु लियु बोले, नायक नहीं खलनायक हूं मैं

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एटलस फिल्म रिव्यू - फोटो : अमर उजाला
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Movie Review
एटलस
कलाकार
जेनिफर लोपेज , सिमु लियू , स्टर्लिंग के ब्राउन , ग्रेगरी जेम्स कोहन , अब्राहम पोपूला और ना परिला और मार्क स्ट्रॉन्ग
लेखक
लियो सारडारियन और एरन एली कोलिटे
निर्देशक
ब्रैड पेटॉन
निर्माता
ब्रैड पेटॉन , जेफ फियरसन , जोबी हैरॉल्ड टोरी टनेल और जेनिफर लोपेज आदि
ओटीटी
नेटफ्लिक्स
रेटिंग
2/5

दो दिन पहले ही हैदराबाद के रामोजी फिल्मसिटी में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस यानी एआई (कृत्रिम मेधा) से चलने वाली कार बुज्जी की लॉन्चिंग हुई। नेटफ्लिक्स की नई फिल्म ‘एटलस’ भी इंसान और एआई के रिश्तों की ही कहानी है। और, एआई का ये सिलसिला हॉलीवुड फिल्मों में ‘टर्मिनेटर’ के जमाने से ही हिट होता आया है। लेकिन, 40 साल से चली आ रही एआई और इंसानी रिश्तों की हॉलीवुड फिल्मों की कहानी ‘एटलस’ तक आते आते यूं लगता है कि अपना असर खो रही है या फिर कि हॉलीवुड फिल्में लिखने वालों को भी अब इस नई खोज पर कुछ नया सूझ नहीं रहा है। एआई मुसीबत है या वरदान? इस पर बहस अरसे से जारी है। फिल्म ‘एटलस’ इस बहस को इस सिरे से पकड़ती है कि क्या एआई और इंसान मिलकर कुछ बेहतर काम कर सकते हैं या फिर एआई से बनी मशीनें इंसान का ही विनाश कर देंगी?

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एटलस फिल्म रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
एटलस की कहानी, एटलस की जुबानी
फिल्म ‘एटलस’ जेनिफर लोपेज को लेकर दर्शकों में उत्सुकता इसका शीर्षक किरदार निभा रही जेनिफर लोपेज को लेकर ही रही है। जेनिफर ने गायन के अलावा अभिनय में भी खूब हाथ आजमाए हैं। उनकी फिल्मों के दीवाने उनके अभिनय के उतने कायल नहीं रहे हैं, जितनी उनकी छरहरी काया और उनके रंग रूप के हैं। जेनिफर की संवाद अदायगी का एक खास अंदाज है, बिल्कुल अपने देसी विजय राज की तरह। किरदार कोई भी हो, संवाद एक ही धुन में दोनों बोलते हैं। फिल्म ‘एटलस’ की कहानी में जेनिफर लोपेज का किरदार एटलस शेफर्ड ही परदे पर अधिकतर समय रहता है। उनके संवाद जितने एआई संचालित मशीन से हैं, उतने इंसानी किरदार के साथ नहीं हैं। और, फिल्म यहीं पर अपनी पकड़ खोने लगती है।

एटलस फिल्म रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अपराध बोध की बेअसर अंतर्धारा
कहानी फिल्म ‘एटलस’ की दो स्तरों पर चलती है। एक धारा इसकी वह है जिसमें किसी दूसरे ग्रह पर अपना ठिकाना बनाए बैठे एआई निर्मित हारलन के धरती के विनाश की योजनाओं को रोकने की है, और, इसकी अंतर्धारा है एटलस का खुद के अतीत से संघर्ष। हारलन को एटलस की मां ने ही बनाया और एक दिन वह उसकी मां को ही मारकर बागी हो गया। कहानी अपना वजूद तलाशने के लिए बार बार फ्लैशबैक में जाती रहती है और हर बार दर्शकों की रुचि को थोड़ा और कम करके बाहर आती है। हारलन नित नए सेनापति बना रहा है। धरती पर तबाही मचा रहा है और उसको रोकने का तरीका एक ही है, उसका पता लगाकर उसे उसके ठिकाने समेत नेस्तानाबूत कर देना। दुनिया इस लक्ष्य के लिए एक हो चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय संगठन इसके लिए एक मिशन अंतरिक्ष में भेजता है। एटलस इसमे जिद करके शामिल होती है।

एटलस फिल्म रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मनोरंजन के नाम पर देखी सुनी सी घटनाएं
अपनी कहानी के लिहाज से फिल्म ‘एटलस’ कुछ नया नहीं परोसती है। फिल्म एक निर्धारित लक्ष्य की तरफ शुरू से भागती नजर आती है। भावनात्मक पहलू फिल्म का बस यही है कि एटलस के मन में अपनी मां को लेकर एक अपराध बोध बसा हुआ है। हारलन भी एटलस की मां को मदर ही कहकर बुलाता रहा है। लेकिन, नियति दोनों को आमने सामने ले आई है। एटलस शेफर्ड मूल रूप से डाटा विश्लेषक है। वह मिशन में जिद करके शामिल होती है। जैक रयान की तरह उसे भी आक्रामक अवतार लेना होता है। विलेन कहानी का टर्मिनेटर जैसा है। और, इस सारे गड़बड़झाले को देखने के लिए आपको अपने जीवन के करीब दो घंटे लगाने हैं।
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एटलस फिल्म रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जेनिफर लोपेज की बस औसत सी फिल्म
फिल्म ‘एटलस’ की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी पुरानी सी लगने वाली कहानी तो है ही, जेनिफर लोपेज का करीब आधी फिल्म में चीखते चिल्लाते रहना भी फिल्म को खास मदद नहीं कर पाता है। उनकी अपनी एक छवि रही है जिसे तोड़ने की वह इस फिल्म में वैसी ही कोशिश कर रही हैं जैसी अपने यहां फिल्मों में कंगना रणौत करती रही हैं। दोनों की अभिनय क्षमता सीमित है और दोनों खुद को एक काबिल कलाकार के तौर पर कैमरे के सामने पेश करने में जी जान से जुटी हैं। नतीजा भी दोनों का अक्सर एक समान ही होता है। मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स में सुपरहीरो बन चुके अभिनेता सिमु लियू की वजह से भी फिल्म को देखने का आकर्षण बनता है, खासतौर से ये जानकर कि वह कहानी के खलनायक हैं, लेकिन उनका आभामंडल भी यहां बार बार टूटता रहता है। रौद्र, भयानक और वीभत्स रसों के बेमेल कॉकटेल में डूबा हारलन का उनका किरदार असर छोड़ने में नाकाम है।
 
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